विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या गुरुवार को 2.80 करोड़ पार हो गई जबकि मरने वालों की संख्या 9.08 लाख से ज्यादा हो गई। लैटिन अमेरिकी देशों में महामारी के सबसे बुरे असर के बीच संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि इस महामारी ने भेदभाव और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों को बढ़ा दिया है। नतीजतन, दुनिया में गरीबी, भुखमरी और संघर्ष बढ़ने की आशंका है।
संयुक्त राष्ट्र की राजनीतिक प्रमुख रोजमैरी डिकार्लो और संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद के सामने महामारी के वैश्विक असर की गंभीर समस्या के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि दुनिया के सबसे कमजोर देशों में इनके परोक्ष नतीजे वायरस के प्रभाव से भी अधिक हो सकते हैं।
लोकॉक ने परिषद को सचेत किया कि कमजोर देशों में कोविड-19 संकट की वजह से आर्थिक एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण ‘गरीबी बढ़ेगी, औसत आयु कम होगी, भुखमरी बढ़ेगी, शिक्षा की स्थिति खराब होगी और अधिक बच्चों की मौत होगी’। उन्होंने कहा कि संक्रमण के लगभग एक तिहाई मामले मानवतावादी या शरणार्थी संकटों से जूझ रहे देशों या कमजोर देशों में सामने आए हैं, लेकिन ये देश महामारी से असल में कितने प्रभावित हैं, इस बात का अभी पता नहीं चल पाया है।
खुलासा : बिल्लियों के शरीर में भी बन गई एंटीबॉडी
चीन के वुहान में 102 बिल्लियों पर किए गए एक शोध में पता चला है कि बिल्लियों में कोरोना संक्रमण के मामले अधिक हैं। ‘इमर्जिंग माइक्रोब्स एंड इंफेक्शंस’ पत्रिका में प्रकाशित शोध के मुताबिक, महामारी के पहले चरण में जनवरी से मार्च, 2020 के बीच इन बिल्लियों के रक्त नमूने लिए गए।
इनमें 15 बिल्लियों के खून में ‘एंटीबॉडी’ मौजूद थीं, लेकिन उनमें से किसी भी बिल्ली के संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई थी और न ही उनमें कोरोना का कोई लक्षण ही दिखा था। इनमें से किसी भी बिल्ली की वायरस के कारण मौत भी नहीं हुई।
अमेरिका : हर माह 20 करोड़ परीक्षण जरूरी
अमेरिका में हर महीने 20 करोड़ कोरोना परीक्षणों जरूरी हैं ताकि अगले साल तक महामारी पर काबू पाया जा सके। रॉकफेलर फाउंडेशन और ड्यूक-मार्गोलिस सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी की नई रिपोर्ट में इसका जिक्र है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए अमेरिका को अपनी परीक्षण क्षमता बढ़ानी होगी। फिलहाल, देश में हर महीने 3 करोड़ परीक्षण किए जा रहे हैं।
न्यूजीलैंड : छह नए मामले आए
न्यूजीलैंड में संक्रमण खत्म होने के बाद सामुदायिक संक्रमण के छह नए मामले सामने आए हैं। यहां के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में हालात बिगड़े हैं। सभी नए मामले ऑकलैंड की एक चर्च से जुड़े हुए हैं। देश में 82 मामले सामुदायिक संक्रमण के हैं जबकि 43 मामले बाहर से आए हुए हैं।