कोरोना वायरस तेजी से दुनिया के लगभग हर देश में पहुंच चुका है। वायरस का केंद्र रहे चीन में जहां हालात धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हैं, वही दुनिया के बाकी हिस्सों में इस जानलेवा वायरस ने तबाही मचा रखी है। आलम यह है कि अमेरिका, स्पेन, इटली और जर्मनी में चीन से ज्यादा मामले सामने आ चुके है।
जहां चीन में अब तक कोरोना वायरस से लगभग 81 हजार लोग संक्रमित है। वही अमेरिका में दो लाख 45 हजार, स्पेन में एक लाख 17 हजार, इटली में एक लाख 15 हजार और जर्मनी में 85 हजार लोग इस वायरस से संक्रमित है। दुनिया में संक्रमितों की सबसे ज्यादा संख्या अमेरिका में है, जो इस महामारी का दंश झेल रहा है।
अमेरिका में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर न्यूयॉर्क है। यहां हालात बद से बदतर हो चुके है। इस शहर के बारे में कहा जाता है कि यह कभी सोता नहीं है। वही अब इसकी सड़कों पर मातम पसरा हुआ है। न्यूयॉर्क में अब तक 51,809 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके है और 1,562 लोगों की इस वायरस की चपेट में आकर मौत हो चुकी है।
यहां कोरोना वायरस से लड़ने के लिए डॉक्टर और नर्सें मोर्चा संभाले हुए हैं। ये डॉक्टर और नर्सें यह जानते हुए भी मरीजों के इलाज में लगे हैं कि अगर जरा सी लापरवाही हुई तो वे भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाएंगे।
गौरतलब हो कि चीन में 3,300, स्पेन में 12,000 और इटली में 5000 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ इस बीमारी के चपेट में आ चुकी है। दुनियाभर में 300 से ज्यादा डॉक्टरों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। न्यूयॉर्क में अब तक दो नर्सों की इस वायरस से मौत हो चुकी है।
न्यूयॉर्क के खराब हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां काम कर रहे चिकित्सा कर्मियों के पास अपनी सुरक्षा के लिए पहनने वाले पीपीई किट और मास्क तक की कमी है। ये सभी चिकित्सा कर्मी इतने खराब हालात में भी काम करने को मजबूर है।
यहां के चिकित्सा कर्मचारियों से जानिए कि वे कोरोना से किस तरह लड़ रहे है...