अमेरिका में कोरोना के दिशा-निर्देशों का पालन करने की वजह से एक सैलून में दो कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने के बाद भी 140 लोग संक्रमित होने से बच गए। मिसौरी के सैलून में बाल काटने वाले दो कर्मचारी 140 ग्राहकों के संपर्क में आए लेकिन उनमें से कोई भी संक्रमित नहीं हुआ।
यह लोग संक्रमित होने से इसलिए बच गए क्योंकि दोनों कर्मचारी और सभी ग्राहकों ने सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया था। उन्होंने मास्क ठीक से लगाया था। सैलून में कुर्सियों की व्यवस्था ऐसे की गई थी, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन हो सके।
इसके अलावा ग्राहकों को अपॉइंटमेंट लेकर ही सैलून में आने की अनुमति थी। सैलून के दोनों कर्मचारियों में से एक ने 56 और दूसरे ने 84 ग्राहकों को सर्विस दी थी। संक्रमित होने के बावजूद दोनों कर्मचारी आठ दिन तक सैलून में ड्यूटी पर आए थे। मिसौरी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि इस मामले में सात सैलून कर्मियों और 140 ग्राहकों को संदिग्ध माना गया था। उन्हें 14 दिन क्वारंटीन में रखा गया। उनमें से कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया। इससे संभावना बढ़ी है कि मास्क से बहुत हद तक कोरोना की रोकथाम की जा सकती है।
इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स इन बॉन के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि ठीक से मास्क लगाने पर कोरोना के 40 फीसदी मामले रोके जा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जर्मनी के जेना शहर में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए सबसे पहले मास्क अनिवार्य किया गया था।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जर्मनी में 25 फीसदी मरीज कम हुए। अन्य क्षेत्रों ने भी फिर मास्क अपनाया। इससे देश में 40 फीसदी तक मामले रोके जा सके। जर्मनी में अब तक 1,87,251 मामले सामने आए हैं, जबकि 8,863 मौतें हुई हैं।