विश्वभर में कोरोना महामारी ने लाखों लोगों की जान ले ली है। इस महामारी के एक साल के बाद भी इसका टीका नहीं बन पाया है। साथ ही लगातार कोरोना वायरस अपना स्वरूप भी बदल रहा है। जिससे वैज्ञानिकों का खासा परेशानी हो रही है।
ऐसी ही एक खबर डेनमार्क से है, यहां की सरकार के आदेश पर ऊदबिलावों को मारा जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ऊदबिलाव में कोरोना वायरस का पता लगाया गया है, इसके कारण डेनमार्क के फॉर्मों में पल रहे इस जानवर को मारा जा रहा है।
इस कारण वहां के लोग बदबू से परेशान हो रहे हैं, इस बीच सड़क के किनारे एक ट्रक से गिर कर हजारों मरे हुए जानवर मिले। जिन्हें कोरोनोवायरस आशंकाओं के बीच लाखों ऊदबिलावों के शवों से निपटने के लिए खाइयों को खोदकर दफन कर दिया।
आपको बता दें, ऊदबिलावों की डेनमार्क में बहुत ज्यादा खपत है साथ ही अन्य देशों में ऊदबिलावों का मीट पहुंचाया जाता है। मिंक फार्म में SARS-CoV-2 के संक्रमण का पता चलने के बाद ऊदबिलावों को मारा जा रहा है। डेनमार्क के पशु चिकित्सा और खाद्य प्रशासन (DVFA) के अनुसार, अब तक, देश में 207 से अधिक पशु फार्म संक्रमित हो चुके हैं जो चिंता का विषय है।
जानवरों से इंसानों के कोरोना संक्रमित होने के बारे में जो अब तक हम जानते हैं। कई अध्ययनों से यह पता चला है कि कोरोना वायरस बिल्लियों और कुत्तों सहित ऊदबिलावों के बीच संक्रामक है।
शोधकर्ता इस संबंध में अभी इस तरह के संक्रमण की संभावनाओं को तलाशने के लिए शोध कर रहे हैं। स्पेन के अलावा डेनमार्क और नीदरलैंड में भी कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मिंक फार्म के कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं। मिंक या ऊदबिलाव मांस और फर्र के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल होते हैं।
महामारी के बाद से नीदरलैंड में अब तक के कुछ महीनों में लाखों ऊदबिलावों को मारा जा चुका है। फार्म के इन ऊदबिलावों को संक्रमण ना फैले इस डर से मारा गया है, बड़ी संख्या में ऊदबिलावों में कोरोनावायरस फैलने के कारण लिया गया है।