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कोरोना का प्रकोप: यूरोप के अस्पतालों में बढ़ने लगे ओमिक्रॉन संक्रमित, चरमरा रहीं स्वास्थ्य व्यवस्थाएं

Mon, 17 Jan 2022 06:15 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, स्ट्रासबर्ग

सार

अप्रैल 2020 में, डब्ल्यूएचओ ने यूरोप के देशों को अपनी स्वास्थ्य प्रणालियों को बेहतर बनाने की सलाह दी थी। लेकिन, ज्यादातर देशों ने सोचा कि वे महामारी के लिए तैयार हैं। 
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दुनिया में कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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विस्तार
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ओमिक्रॉन संक्रमण की वजह से अस्पतालों पर बढ़ रहे दबाव के बीच यूरोपीय देशों का सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा चरमाराने लगा है। जबकि, इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक सप्ताह पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर स्वास्थ्य ढांचे में सुधार नहीं किया गया, तो जिस तेजी से संक्रमित अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं जल्द ही हालात को काबू करना मुश्किल हो जाएगा। 

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डब्ल्यूएचओ के मुताबिक फ्रांस, ब्रिटेन और स्पेन जैसे देशों में जहां दुनिया के तमाम देशों की तुलना में मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा है, अब उस अवसर से दूर जा चुके हैं, जब स्वास्थ्य ढांचे में सुधार कर इसे मरीजों के दबाव में लड़खड़ाने और ध्वस्त होने से बचाया जा सकता था। 

सोसायटी फॉर एक्यूट मेडिसिन के अध्यक्ष डॉ. टिम कुकस्ले ने कहते हैं कि यूरोप में कई देशों में स्वास्थ्य ढांचा काफी लचर है, अगर वहां भी संक्रमण इस तरह से फैलेगा तो ऐसे संकट का सामना कैसे किया जाएगा, इसके बारे में सोचकर ही डर लगता है। अप्रैल 2020 में, डब्ल्यूएचओ ने यूरोप के देशों को अपनी स्वास्थ्य प्रणालियों को बेहतर बनाने की सलाह दी थी। लेकिन, ज्यादातर देशों ने सोचा कि वे महामारी के लिए तैयार हैं। 
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ईरान में ओमिक्रॉन से 3 मौतें 
ईरान में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद देश में तीन लोगों की मौत हो गई। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने यह जानकारी दी। हालांकि, ईरान में ओमिक्रॉन का पहला मामला मध्य दिसंबर में सामने आया था। लेकिन यह पहली बार है, जब इससे मौत हुई है। 

टीवी चैनल के मुताबिक, देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी मोहम्मद हाशेमी के हवाले से यह भी कहा कि ओमीक्रोन के एक अन्य मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने ज्यादा विस्तार से जानकारी नहीं दी। 

वैश्विक महामारी का प्रकोप शुरू होने के बाद से कोविड 19 से ईरान में 1,32,000 लोगों की जान गई है जो पश्चिम एशिया में मृत्यु दर के लिहाज से में सबसे बुरी है। पिछले साल, अकेले 24 अगस्त को 709 लोगों की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण के कारण से हाल के महीनों में मौत के मामले घटे हैं। 

फ्रांस में लौटाने पड़ रहे मरीज 
स्ट्रासबर्ग अस्पताल में इतनी ज्यादा तादात में मरीज आ रहे हैं कि उन्हें चाहकर भी भर्ती नहीं किया जा सकता। अस्पताल प्रणाली के 13,000 कर्मचारियों में से 15 फीसदी संक्रमित हैं। वहीं, कुछ अस्पतालों 20 फीसदी तक कर्मचारी संक्रमित हैं। बीते दो तीन दिन में कई दर्जन गंभीर रोगियों को मना करना पड़ा।

ब्रिटेन में अन्य रोगों के लोगों को नहीं मिल रहा है इलाज 
फ्रांस की तरह ही ब्रिटेन में भी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव है। ब्रिटिश सरकार को लंदन के अस्पतालों में सेना उतारनी पड़ी, ताकि एंबुलेंस, टेस्टिंग और अन्य जरूरतों को पूरा किया जा सके। ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा परिसंघ के मुताबिक फिलहाल 100,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी है।  कोविड के चलते अस्पतालों पर भारी दबाव है, जिसकी वजह से कई ऐसे मरीज हैं, जिनके कैंसर का पता चलते में काफी देर हो गई है। अकेले इंग्लैंड में करीब 13,000 रोगियों को इलाज के लिए इंतजार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 59 लाख लोग की कैंसर की जांच, सर्जरी होने है, लेकिन कोविड से वे प्रतीक्षा सूची में हैं।

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