चीन से फैले खतरनाक कोरोनावायरस का कहर से जहां दुनियाभर के देश प्रभावित हुए हैं। वहीं छात्र भी इससे अछूते नहीं रह गए हैं। चीन के विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे और कोरोनावायरस के डर से स्वदेश लौटकर आए छात्रों को अब अपने भविष्य की चिंता सता रही है। हालांकि चीन से उनकी चिंता का समाधान भी आ गया है। उधर, बुधवार को चीन सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अभी तक इस जानलेवा वायरस की वजह से होने वाली मौतों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई है। इसके अलावा 70 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव (स्वास्थ्य) प्रीति सूदन ने चीनी राजदूत के साथ हाल ही में बैठक की थी। इसमें उन्होंने चीनी राजदूत के समक्ष कोरोनावायरस के कारण भारत लौटे छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए उनकी मांग के संबंध में अनुरोध किया था।
दरअसल छात्रों का कहना था कि उनके स्वदेश लौटकर आने के बाद से ही संबंधित चीनी विश्वविद्यालय छात्रों पर वापस लौटने का दबाव बना रहे हैं, ऐसा ना करने पर दाखिला खो देने की बात कही जा रही है।
सचिव (स्वास्थ्य) प्रीति के मार्फत किए गए इस अनुरोध का अब जवाब भी आ गया है। दरअसल, चीनी दूतावास ने लिखा है कि चीन की स्टेट काउंसिल ने संबंधित छात्रों के विश्वविद्यालयों के नए सेमेस्टर को स्थगित करने का निर्णय लिया है। छात्रों को अग्रिम प्रक्रियाओं के संबंध में संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा सूचित किया जाएगा।
कोरोनावायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव पर रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा है कि निश्चित तौर पर इस महामारी की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा। मगर भारत में इसका असर काफी सीमित ही रहने वाला है।
उन्होंने कहा कि भारत में सिर्फ कुछ सेक्टर पर ही इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है, लेकिन इससे उबरने के लिए दूसरे विकल्पों को तलाशा जा रहा है। आरबीआई गर्वनर ने कहा कि दवा और इलेक्ट्रॉनिक निर्माण सेक्टर ही चीन पर निर्भर है और इन्हीं पर कुछ असर हो सकता है। 2003 में भी इसी तरह की समस्या पैदा हुई थी, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका असर करीब एक फीसदी ही रहा था।
जापानी जहाज में एक और भारतीय पॉजीटिव
जापान के जहाज में फंसे भारतीय नागरिकों में से एक और व्यक्ति को बुधवार को कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। भारतीय दूतावास के मुताबिक इस जहाज पर अब तक सात भारतीय कोरोनावायरस से ग्रस्त हो चुके हैं। यहां 88 नए लोगों को कोरोनावायरस होने की पुष्टि हुई है।
वहीं, दूसरी ओर रूस इसके संक्रमण से बचने के लिए 20 फरवरी से सभी चीनी नागरिकों को अपने क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक देगा। रूस की उप प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मामलों की प्रभारी तातियाना गोलिकोवा ने कहा, ‘रूस की सीमाओं के जरिए चीनी नागरिकों के प्रवेश को 20 फरवरी से निलंबित कर दिया जाएगा।’ उन्होंने बताया कि ये प्रतिबंध कार्य यात्रा, निजी यात्रा, अध्ययन और पर्यटन के लिए आने वाले यात्रियों पर लागू होगा।