अमेरिका के एरिजोना में हाल ही में एक व्यक्ति की मौत क्लोरोक्वीन दवा के सेवन से हो गई। उस व्यक्ति ने कहीं सुना था कि क्लोरोक्वीन कोरोना संक्रमण दूर करने में कारगर है। दुभार्ग्यवश इसमें कोई सच्चाई नहीं थी। इसके बाद अमेरिका के खाद्य और दवा विभाग को सामने आकर कहना पड़ा कि उसने कोरोना के उपचार के लिए क्लोरोक्वीन समेत किसी भी दवा को मंजूरी नहीं दे रखी है। दरअसल, दुनियाभर में क्लोरोक्वीन और एचआईवी ड्रग से कोरोना संक्रमण के खत्म होने का भ्रम फैल रहा है। जानिए इन दवाओं की सच्चाई ...
मलेरिया में भी नहीं हो रहा इस्तेमाल
इसका इस्तेमाल मलेरिया ठीक करने के लिए होता रहा है। पर अब मलेरिया का मच्छर भी इस दवा के खिलाफ प्रतिरोध पैदा कर चुका है। ऐसे में कई देशों में अब मलेरिया के इलाज में भी डॉक्टर यह दवा नहीं देते।