कोरोना वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। उसी तरह मस्तिष्क पर भी हमला बोल रहा है। वायरस के मस्तिष्क पर हमला बोलने के कारण मरीजों को सिर में तेज दर्द के कारण बेहोशी की तकलीफ हो रही है। कुछ मरीजों में भ्रमित रहने की भी समस्या भी दिख रही है।
येल यूनिवर्सिटी के शोध में हुआ खुलासा
येल यूनिवर्सिटी के इम्यूनोलॉजिस्ट और शोधकर्ता अकिको इवासाकी का कहना है कि शोध में इस बात के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं कि कोरोना मस्तिष्क की कोशिकाओं में घुसपैठ कर अपना कुनबा बढ़ाता है। जिसके बाद मस्तिष्क में अपने आसपास मौजूद ऑक्सीजन को खत्म कर देता है।
इस कारण आसपास की कोशिकाएं मरने लगती हैं जिससे कोई कई तरह की गंभीर समस्याएं होती है। शोधकर्ताओं ने 3 तरीकों से मस्तिष्क में कोरोना के हमले का जवाब तलाशा था। इनमें प्रयोगशाला में विकसित किए गए छोटे मस्तिष्क को संक्रमित कर चूहों पर शोध और कोविड-19 मरीजों के मस्तिष्क में मर चुके ऊतको पर शोध शामिल है।
फर्जी खबरों से बचाने के लिए भारत के साथ आएं दूसरे देश
संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बृहस्पतिवार को हुई 74वीं हाई लेवल फोरम की बैठक में फर्जी खबरों को रोकने पर चर्चा हुई। संयुक्त राष्ट्र में परमानेंट मिशन ऑफ इंडिया की काउंसलर पौलमी त्रिपाठी ने कहा, हम हमारी के बीच गलत सूचना और अभियानों के कारण लाखों लोगों का जीवन और आजीविका खतरे में पड़ गई है।
सही सूचना लोगों तक पहुंचे तो समाज में बदलाव संभव है। हम चाहते हैं कि भारत के साथ दूसरे देश और तकनीकी कंपनियां जुड़े जो ऐसी खबरें सूचनाएं और भ्रामक वीडियो को आमजन तक पहुंचने में रोकने में मदद करें। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्रों के 73वें सत्र के आखिरी दिन थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अनुटिन चार्नविराकुल समेत सभी सदस्य देशों ने घोषणा की है कि सभी देश एकजुट होकर कोरोना से लड़ेंगे।