कोरोनावायरस की वजह से नेपाल में न सिर्फ घरेलू उड़ान कंपनियों का संकट बढ़ा है, लगभग हर सेक्टर का यही हाल है। एशियन डेवलपमेंट बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल के अलग-अलग सेक्टर से 15880 कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
एडीबी ने कहा है कि अगर नेपाल में कोरोना का असर सबसे कम भी होता है तब भी नेपाल की जीडीपी में 0.04 फीसदी की गिरावट आनी ही है। एडीबी के मुताबिक कोरोना की वजह से एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही बुरा असर पड़ रहा है। हर स्तर पर घरेलू मांग बेहद घटी है, चाहे वह टूरिज्म हो, बिजनेस यात्राएं हों, व्यापार या उत्पादन का क्षेत्र हो ये फिर सप्लाई में आने वाली दिक्कतें, हर मोर्चे पर असर साफ दिख रहा है।
नेपाल और एशियाई देशों में निर्माण क्षेत्र, पर्यटन, होटल, बाहरी खानपान पर खासा असर है। खासकर हर तरफ एहतियात के तौर पर जो तमाम पाबंदियां लगाई गई हैं, अर्थव्यवस्था पर ये उसी का असर है। इसलिए हर सेक्टर से नेपाल में 5210 से लेकर 15880 लोगों की नौकरियां जा सकती हैं।
एडीबी के आर्थिक प्रमुख यसुयुकी सवादा के मुताबिक तमाम एशियाई देशों में ये संकट बढ़ता जा रहा है और वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है और आने वाले कुछ महीनों में हालात सुधरने की संभावना कम ही नजर आ रही है।