अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर जारी है। बुधवार को 2,713 लोगों की मौत हुई। अप्रैल के बाद देश में एक दिन में कोरोना के चलते इतने लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही कुल मरने वालों की संख्या दो लाख 73 हजार 316 हो गई है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, बुधवार को एक लाख नए मामले सामने आए है।
कोरोना से ग्रस्त 1,00,226 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि इनकी संख्या एक लाख से ज्यादा हुई है। यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक रॉबर्ट रेडफील्ड ने बुधवार कहा कि वास्तविकता में दिसंबर, जनवरी और फरवरी देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य इतिहास में सबसे कठिन समय होने वाला है।
अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा मौतें ब्राजील में हुई हैं। यहां अब तक एक लाख 74 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं 64 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। अमेरिका के बाद कोरोना के सबसे ज्यादा मामले भारत में सामने आए हैं। यहां 95 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए हैं। वहीं एक लाख 38 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा रूस में 23 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 41 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।
रूस में एक लाख से अधिक लोगों को दी गई वैक्सीन
रूस में एक लाख से अधिक लोगों को टीका लगा दिया जा चुका है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने बुधवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया वीडियो के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र को स्पूतनिक वी वैक्सीन की जानकारी दी गई। 11 अगस्त को स्पूतनिक वी वैक्सीन को लांच करने के साथ ही दुनिया में कोरोना से बचाव के लिएस पहला टीका लाने वाला देश रूस बन गया।
इस वैक्सीन का यह नाम रूस के पहले सैटेलाइट के नाम पर पड़ा है। इस वैक्सीन को गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने विकसित किया है। पिछले माह रूस ने इसके लिए दावा किया था कि कोविड-19 से बचाव में यह 92 फीसदी प्रभावी है।