कोरोना वायरस से अब तक एक लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं, 17 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित हैं। हालांकि, इस दौरान 3,89,279 लोग इस बीमारी से ठीक होकर अपने घर वापस आ चुके हैं। इस कड़ी में नीदरलैंड की कॉरनेलिया रास ने कोरोना वायरस को हराकर इस संकट की घड़ी में एक मिसाल पेश की है।
दरअसल 107 साल की कॉरनेलिया रास ने कोरोना वायरस को हरा दिया है। अब वह अपने घर वापस आ चुकी हैं, जहां वो अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। नीदरलैंड की रहने वाली कॉरनेलिया को कोरोना वायरस का संक्रमण तब हुआ था, जब वह अपने ही देश में एक द्वीप की यात्रा कर रही थीं। कॉरनेलिया टूरिस्ट के जिन 40 लोगों के ग्रुप में शामिल थीं, उसमें 12 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है। हालांकि, यह महामारी कॉरनेलिया के हौसलों को नहीं तोड़ पायी।
कॉरनेलिया जब चर्च से घर लौटीं तब उनके अंदर कोरोना के संक्रमण के लक्षण का पता चला। कॉरनेलिया में सबसे पहले बुखार और खांसी के लक्षण दिखने लगे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कॉरनेलिया की भतीजी मायके डे ग्रूट को जब इसका पता चला तब उन्होंने अपनी उम्मीद ही छोड़ दी थी। उन्हें इस बात की उम्मीद ही नहीं थी कि कॉरनेलिया कोरोना वायरस को हरा पाएंगी। दरअसल इस महामारी से सबसे ज्यादा मौतें बुजुर्गों की हुई हैं।
इलाज के दौरान कॉरनेलिया काफी शांत रहीं। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों पर पूरा भरोसा दिखाया और सारे आदेशों का पालन किया। कॉरनेलिया अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं और अब वह किसी भी तरह की दवाई नहीं ले रही हैं।
इससे पहले 104 साल के अमेरिकी विलियम बिल लैपचिस ने कोरोना वायरस जैसी महामारी को हराया था। इस वायरस की चपेट में आने के बाद वो ओरेगन के लेबनान काउंटी अस्पताल में भर्ती थे, जहां से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार के साथ अपना 104वां जन्मदिन मनाया। अब कोरोना वायरस को हराने वाली कॉरनेलिया दुनिया की सबसे बुजुर्ग इंसान हैं।