रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचत्का में मंगलवार को 28 लोगों को लेकर जा रहा एक विमान लापता होने के बाद हादसे का शिकार हो गया। विमान का मलबा ओखोत्स्क सागर में एक हवाई अड्डे से करीब पांच किमी दूर मिला है जहां इसे उतरना था। विमान में 22 यात्री और छह चालक दल के सदस्य सवार थे। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार कोई भी सदस्य इस हादसे में बच नहीं पाया है।
यह विमान पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्का शहर से पलाना के लिए उड़ान भर रहा था। इस बीच इसका संचार टूट गया और रडार से यह गायब हो गया। कामचत्का के गवर्नर ब्लादिमीर सोलोदोव ने बताया कि विमान का मुख्य हिस्सा तट पर मिला जबकि अन्य मलबा तट के पास समुद्र में मिला है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं जिनकी उम्र 12 वर्ष से छोटी है। विमान एएन-26 कामचत्का एविएशन एंटरप्राइज कंपनी से संबंधित था, जो 1982 से सेवाएं दे रहा था।
कंपनी के निदेशक एलेक्सी खाबारोव ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी को बताया कि विमान में तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मामले में जांच शुरू की गई है और तलाश अभियान जारी है। विमान के रडार से गायब होने के बाद उसे ढूंढने के लिए दो हेलिकॉप्टर और कई जहाजों की मदद ली गई।
खराब मौसम भी हो सकता है हादसे की वजह
पलाना हवाई अड्डे पर लैंडिंग से करीब 10 किलोमीटर पहले ही विमान से संपर्क टूट गया था। इसके बाद उसकी खोज में कई कोशिशें की गईं। विमान में पलाना की स्थानीय सरकार के प्रमुख ओल्गा मोखिरेवा भी सवार थे। लेकिन किसी को भी बचाया नहीं जा सका। हालांकि बताया जा रहा है कि विमान हादसे का एक कारण पलाना का खराब मौसम भी हो सकता है।
2012 में भी हुआ था हादसा
इससे पहले कामचत्का एविएशन एंटरप्राइज का एंतोनेव एन-28 विमान 2012 में भी पलाना में उतरने के ठीक पहले पर्वतीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। यह विमान भी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्का से उड़ान भरने के दौरान हादसे का शिकार हुआ। विमान में 14 लोग सवार थे जिनमें से 10 की मौत हो गई थी। दोनों पायलटों के खून में अल्कोहल भी पाया गया था।