भारत और वियतनाम के बीच अब हवाई नेटवर्क मजबूत होने जा रहा है। दोनों देशों ने हवाई सेवा की क्षमता को बढ़ाने पर सहमति जताई है। अब दोनों देशों के बीच पहले ज्यादा उड़ानें चलेगी। इससे हर हफ्ते 16 हजार से ज्यादा सीटें उपलब्ध होंगी। अभी दोनों देशों के बीच करीब 8 हजार सीटों की क्षमता है। यह नई व्यवस्था जल्द लागू होगी।
दरअसल, दोनों देशों ने यह फैसला यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया है। दोनों देशों की एयरलाइंस मौजूदा उड़ान सीमा का लगभग पूरा इस्तेमाल कर चुकी हैं। एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम के आंकड़ो के मुताबिक, इंडिगो और एयर इंडिया फिलहाल वियतनाम के लिए हर हफ्ते 30 उड़ानें चलाती हैं। जबकि वियतनाम की एयरलाइंस भारत के लिए 48 उड़ानें संचालित करती हैं।
सीटों की संख्या बढ़ने से वियतनाम एयरलाइंस और वियतजेट दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के लिए उड़ानें बढ़ा सकेंगी। सन फुकुओक एयरलाइंस भी मुंबई के लिए उड़ान शुरू करने की तैयारी में है।
वियतनाम एयरलाइंस कहना है कि,भारत से वियतनाम जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से दोनों देशों के बीच यात्रा और आसान होगी। 2024 के बाद भारत और वियतनाम के बीच उड़ानों की सीमा बढ़ाने का यह दूसरा फैसला है। हाल के वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या बढ़ी है। भारतीयों के लिए वीजा नियमों में राहत भी इसकी एक वजह है।
2024 के बाद भारत और वियतनाम के बीच उड़ानों की सीमा बढ़ाने का यह दूसरा फैसला है। हाल के वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या बढ़ी है। भारतीयों के लिए वीजा नियमों में राहत भी इसकी एक वजह है।