फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: कोलंबिया विश्वविद्यालय में फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों छात्रों पर कार्रवाई, 80 निष्कासित

Wed, 23 Jul 2025 07:37 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।

सार

US: कोलंबिया विश्वविद्यालय ने फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले लगभग 80 छात्रों को निलंबित या निष्कासित कर दिया है। यह कदम ट्रंप प्रशासन द्वारा 400 मिलियन डॉलर की फंडिंग रोकने के बाद उठाया गया। ट्रंप प्रशासन ने विश्वविद्यालय पर यहूदी विरोध को न रोक पाने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
कोलंबिया विश्वविद्यालय - फोटो : एक्स/कोलंबिया विश्वविद्यालय
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलंबिया विश्वविद्यालय ने उन छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिन्होंने मई में अंतिम परीक्षाओं से पहले मुख्य पुस्तकालय (लाइब्रेरी) के अंदर फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया था और पिछले साल पूर्व छात्रों के लिए साप्ताहांत (एलुमनाई वीकेंड) पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिसर में तंबूर लगाए थे। छात्र कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बताया कि करीब 80 छात्रों को एक से तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने जिन छात्रों पर कार्रवाई की है, उनमें कुछ को निगरानी पर रखा गया है और कुछ की डिग्री भी रद्द कर दी गई है।

विज्ञापन


यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब विश्वविद्यालय डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से 400 मिलियन डॉलर की फंडिंग वापस दिलाने की कोशिश कर रहा है। यह फंड मार्च में इसलिए रोक दिया गया था, क्योंकि प्रशासन का आरोप था कि विश्वविद्यालय अपने परिसर में यहूदी विरोधी गतिविधियों को नहीं रोक पा रहा, जो अक्तूबर 2023 में इस्राइल-हमास युद्ध के बाद शुरू हुईं।

ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष को बताया मूर्ख; कहा-अगले 8 महीने में पद से हटा दिया जाएगा
विज्ञापन


कोलंबिया विश्वविद्यालय ने मानी ट्रंप प्रशासन की कई मांगें
कोलंबिया विश्वविद्यालय ने अब ट्रंप प्रशासन की कई मांगें मान ली हैं, जिनमें छात्र अनुशासन प्रणाली में बदलाव और यहूदी विरोध को लेकर नई परिभाषा को अपनाना शामिल है। विश्वविद्यालय ने मंगलवार को कहा, हमारा संस्थान अपने शैक्षणिक मिशन पर केंद्रित है। एक स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए आपसी सम्मान और विश्वविद्यालय की नीतियों का पालन जरूरी है। अगर कोई शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालता है तो वह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने उन छात्रों के नाम नहीं बताए जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।

विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों की छंटनी की
विश्वविद्यालय ने मई में यह भी कहा था कि वह करीब 180 कर्मचारियों की छंटनी करेगा और अनुसंधान के कार्यों में कटौती करेगा, क्योंकि फंडिंग रुकने से उसका बजट प्रभावित हुआ है। विश्वविद्यालय के अनुसार, जिन कर्मचारियों को हटाया गया है, वह उन 20 फीसदी लोगों में शामिल हैं जिनको वेतन संघीय अनुदान से मिलता था।

विरोध प्रदर्शन के लिए इस बार दी गई सख्त सजा: छात्र संगठन
एक छात्र संगठन ने कहा कि इस बार जो सजा दी गई है, वह पहले के विरोध-प्रदर्शनों में दी गई सजा से ज्यादा सख्त है। विश्वविद्यालय की ओर से निलंबित कि गए छात्रों को वापस परिसर में आने के लिए माफी मांगनी होगी, नहीं तो उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा। लेकिन कई छात्र ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं। कोलंबिया विश्वविद्यालय के अपार्थेड डाइवेस्ट नाम के छात्र संगठन ने कहा, हम डरने वाले नहीं हैं। हम फलस्तीन की आजादी के संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

ये भी पढ़ें: 'भारत-पाकिस्तान तनाव कम करने में की मदद': अब सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने की क्रेडिट लेने की कोशिश
विज्ञापन


छात्र आंदोलनों का केंद्र बना था कोलंबिया विश्वविद्यालय
कोलंबिया विश्वविद्यालय 2024 के वसंत में अमेरिका में इस्राइल-गाजा युद्ध को लेकर शुरू हुए छात्र आंदोलनों का केंद्र बन गया था। छात्रों ने अप्रैल में परिसर में तंबू लगाए थे और एक इमारत पर कब्जा कर लिया था, जिसके चलते दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं। इसके बाद देशभर में कई विश्वविद्यालयों में इसी तरह के प्रदर्शन शुरू हो गए। जनवरी में दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने उन कई प्रमुख विश्वविद्यालयों की फंडिंग बंद कर दी, जिन्हें वह यहूदी विरोध को सहन करने वाले विश्वविद्यालय मानते हैं। 

कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया
प्रशासन ने प्रदर्शन करने वाले कुछ छात्रों पर व्यक्तिगत रूप से भी कार्रवाई की है। कोलंबिया विश्वविद्यालय के स्नातक छात्र महमूद खलील को मार्च में प्रदर्शन में शामिल होने के कारण हिरासत में लिया गया। वह अमेरिका में कानूनी रूप से रह रहे हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अब उन्होंने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें उन्होंने झूठी गिरफ्तारी, गलत मुकदमा और उन्हें यहूदी विरोधी कहे जाने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें