चीन ने एक बार फिर अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी (सीएमएसए) के अनुसार, गुरुवार देर रात चीन का अंतरिक्ष यान शेनझोउ-20 तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से सफलतापूर्वक जुड़ गया। ये तीनों जल्द ही स्टेशन के अंदर जाएंगे और वहां पहले से मौजूद अपने साथियों से मिलेंगे, जो पिछले छह महीने से वहां काम कर रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले, शेनझोउ-20 को उत्तर-पश्चिम चीन के जिउक्वान लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया था। इसका सीधा प्रसारण सरकारी टीवी चैनल ने किया। यान में तीन अंतरिक्ष यात्री चेन डोंग, चेन झोंगरुई और वांग जी सवार हैं। ये दल अक्तूबर के अंत में पृथ्वी पर लौटेगा।
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हर छह महीने में तीन लोगों को भेजता है चीन
चीन हर छह महीने में अपने तियांगोंग स्टेशन पर तीन सदस्यीय दल भेजता है। पिछले दल के 29 अप्रैल को धरती पर वापस लौटने की उम्मीद है। शेनझोउ-20 चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम की 35वीं उड़ान और स्टेशन के विकास चरण का पांचवां मिशन है। इसके साथ ही चीन ने पहली बार दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। इनमें से एक मिशन में पेलोड विशेषज्ञ के रूप में शामिल होगा।
सीएमएसए के प्रवक्ता लिन ज़िकियांग ने दी जानकारी
वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए सीएमएसए के प्रवक्ता लिन ज़िकियांग ने बताया कि यह नया दल अंतरिक्ष में ज़ेब्राफ़िश, प्लैनेरियन और स्ट्रेप्टोमाइस पर जीवन विज्ञान से जुड़े प्रयोग करेगा। खास बात यह है कि पहली बार चीन के स्टेशन पर प्लैनेरियन नाम का ऐसा जीव लाया गया है, जो अपने अंगों को दोबारा विकसित कर सकता है।
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गौरतलब है कि चीन ने यह स्टेशन तब बनाया था जब उसे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि पश्चिमी देशों को आशंका थी कि चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम उसकी सेना द्वारा चलाया जा रहा है। हालांकि अब चीन के पास दुनिया का इकलौता सक्रिय स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन है।