तरलता के संकट से जूझ रहे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की बंद पड़ी हुई लिफ्टों को चलाने के लिए भारत द्वारा भेंट किए गए गांधी सोलर प्लांट से बनी बिजली का इस्तेमाल करने की योजना है। यूएन प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने सोमवार को बताया कि गुटेरस ने भारत के इस तोहफे की खूब सराहना की है।
यूएन पिछले एक दशक में घाटे के सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है। इस बीच तरलता से निपटने के लिए मुख्यालय में की कुछ लिफ्टों को बंद किया गया है। गुटेरस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा, लिफ्टों का संचालन यूएन को अपने बजट से करना पड़ता है।
ऐसे में हम भारत की ओर से भेंट किए गए सोलर पैनल से बनने वाली बिजली के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। इस बिजली से लिफ्ट चलाने का सुझाव आया है। गुटेरस के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने कहा, हम इस शानदार तोहफे के लिए भारत को शुक्रिया अदा करते हैं। इसके सकारात्मक उपयोग पर विचार किया जा सकता है। यूएन इन लिफ्टों को बंद कर सालाना करीब 14 हजार डॉलर की बचत कर रहे थे।
इस दौरान दुजारिक को यूएन की तरलता से निपटने के लिए कुछ अनोखे सुझाव भी दिये गए जिसमें कहा गया कि घास की कटाई वाली मशीन के खर्चे को बचाने के लिए जिनेवा स्थित मुख्यालय के बगीचे में भेड़ें छोड़ देनी चाहिए जो खाकर घास की कटाई कर देंगी। इस पर दुजारिक ने भी मजाकिया जवाब देते हुए कहा, हम न्यूजीलैंड के स्थाई मिशन में अपने दोस्त से बात करेंगे कि क्या उनके पास हमारे लिए कुछ है।