न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के जलवायु विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के एक दल ने निष्कर्ष निकाला है कि अगर वैश्वित तापमान यूं ही बढ़ता रहा तो धरती के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि इस संकट को रोका जा सकता है, बशर्ते हम वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियल पर रोक पाएं। उन्होंने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सामाजिक स्तर पर कई कदम उठाने की जरूरत है।
जलवायु परिवर्तन में बदलाव के प्रभावों का पता लगाने के लिए न्यूकैसल यूनिवर्सिटी, द यूनिवर्सिटी आफ ईस्ट एंग्लिया (यूईए), टिंडल सेंटर फार क्लाइमेट चेंज रिसर्च और ब्राजील के साओ पाउलो स्थित आईएनपीई के विज्ञानियों ने 170 अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर प्राप्त निष्कर्ष सोमवार को साइंस ब्रीफ रिव्यू में प्रकाशित हुआ था। इसमें जलवायु परिवर्तन के चलते भारी बारिश और भीषण बाढ़ जैसी आपदाओं के बारे में तैयार रहने की चेतावनी दी गई है।