पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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साइफर मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री महमूद कुरैशी की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही है। पाकिस्तान की अदालत ने सुनवाई 7 नवंबर तक स्थगित कर दी है। पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को 10 गवाहों में से किसी का भी बयान दर्ज किए बिना मामले को अगली तारीख तक के लिए टाल दिया है।
सुनवाई के दौरान इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी के खिलाफ बयान दर्ज कराने के लिए दस गवाह आए थे। उन्हें एफआईए द्वारा पेश किया गया था। मामले में सुनवाई करने वाले न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्करनैन ने अपने कर्मचारियों को गवाहों और अभियुक्तों की उपस्थिति दर्ज करने का आदेश दिया। बाद में उन्होंने सुनवाई स्थगित करने का फैसला किया और गवाहों को 7 नवंबर को फिर से उपस्थित होने का आदेश दिया।
बता दें सुनवाई रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में हुई जहां इमरान खान और महमूद कुरैशी अपने वकीलों के साथ मौजूद थे। मामले में सरकारी पक्ष का नेतृत्व करने के लिए अभियोजक रिजवान अब्बासी भी मौजूद थे।
इससे पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में अपने अभियोग को चुनौती दी, जिसने उनकी याचिका खारिज कर दी।
क्या है मामला
इमरान खान को पिछले साल मार्च में वाशिंगटन में देश के दूतावास द्वारा भेजे गए एक गुप्त राजनयिक केबल (साइफर) का खुलासा करने के लिए मामला दर्ज होने के बाद अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। पिछले हफ्ते पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने उन्हें और उनके करीबी सहयोगी पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को दोषी ठहराया था।