फ्रांस की पुलिस का कहना है कि उन्हें उत्तरी फ्रांस में सड़क के किनारे एक बोरी में भारतीय व्यक्ति का शव मिला है। इस मामले में पुलिस को मृतक की जेब से मिले लाइटर से मदद मिली। पुलिस ने कहा कि हत्या के संदिग्ध एक अन्य भारतीय नागरिक के बेल्जियम में हिरासत में लिए जाने में ये लाइटर एक पर्याप्त सबूत साबित हुआ है।
बीते साल अक्तूबर में एक मशीन ऑपरेटर बोर्बबर्ग में एक गड्ढे को साफ कर रहा था। उसी वक्त उसे वहां एक बोरी मिली, जिसमें विघटित शव था। उस शव के साथ ना तो कोई दस्तावेज मिला और ना ही मोबाइल फोन। इससे मृतक की मौत की स्थिति, लिंग और नागरिकता के बारे में पता लगाना काफी मुश्किल था।
मामले की जांच में जुटे जांचकर्ताओं का कहना है कि डीएनए और फिंगरप्रिंट से भी पहचान नहीं हो पा रही थी। लेकिन मृतक के ट्राउजर की जेब में एक लाइटर मिला। जिसपर 'कोरेग कैफे' लिखा मिला। इस हत्या के मामले में पुलिस को मिला यह पहला सबूत था।
बीते साल जून से ही पुलिस बेल्जियम में रहने वाले भारतीय नागरिक दर्शन सिंह (42) की तलाश कर रही थी। लाइटर पर जिस कैफे का नाम मिला था वो बेल्जियम में काफी आम है। जो कि पीड़ित के घर के पास ही स्थित है। जांचकर्ताओं ने फिर एक टूथपेस्ट की सहायता से पीड़ित के डीएनए की पुष्टि की।
बेल्जियम में पुलिस अधिकारियों ने लापता व्यक्ति के शव की एक बार फिर से तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने मार्च में ही इस लापता होने के मामले में एक अन्य भारतीय नागरिक से पूछताछ की थी। पुलिस को संदेह था कि उसी ने सिंह को मारा है।
इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने अन्य जानकारी देने से इनकार कर दिया। हालांकि फ्रांस की पुलिस ने मामले की फाइल बेल्जियम पुलिस को सौंप दी है।