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Covid-19 in China: कोविड से निपटने में बीजिंग की नीति हुई फेल, चीनी जनरल की बेटी लुओ डियानडियन ने लगाया आरोप

Sun, 12 Jun 2022 09:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

भारत के खिलाफ 1962 के युद्ध के दौरान संयुक्त स्टाफ के प्रमुख के रूप में कार्य करने वाले एक चीनी जनरल लुओ रुइकिंग की सबसे छोटी बेटी लुओ डियानडियन का एक पत्र वायरल हो गया है। मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक, इस पत्र में डियानडियन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोविड प्रबंधन की खिचाईं की है।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के खिलाफ 1962 के युद्ध के दौरान संयुक्त स्टाफ के प्रमुख के रूप में कार्य करने वाले एक चीनी जनरल की बेटी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कोविड-19 नीति को लेकर आलोचना की है। उन्होंने महामारी से निपटने के लिए अपनाई जा रही नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें बुनियादी वैज्ञानिक सोच का अभाव है।

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पत्र हुआ वायरल
भारत के खिलाफ 1962 के युद्ध के दौरान संयुक्त स्टाफ के प्रमुख के रूप में कार्य करने वाले एक चीनी जनरल लुओ रुइकिंग की सबसे छोटी बेटी लुओ डियानडियन का एक पत्र वायरल हो गया है। मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक, इस पत्र में डियानडियन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोविड प्रबंधन की खिचाईं की है। मा शियाओली को लिखे गए पत्र में डियानडियन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोविड-19 मैनेजमेंट का नाम लिए बिना उनकी आलोचना की। डियानडियन ने कहा कि यह सोचकर मुझे शर्म और अपमानित महसूस होता है कि जिन लोगों के हाथों में शक्तियां हैं, उन्होंने इस सब का बहिष्कार नहीं किया।

अपने पत्र में डियानडियन ने लिखा है कि अब तक यह कन्फर्म नहीं हो पाया है कि किस तरह से कोरोना वायरस म्यूटेशन करता है और ऐसा इसलिए है क्योंकि इसपर वैज्ञानिक ढंग से गंभीरता से काम नहीं किया गया। सरकारी सिस्टम में सही समय पर सही आदेश नहीं दिए गए। डियानडियन ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान जिम्मेदारियों के बंटवारे में कमी की वजह से ऐसी स्थिति देखने को मिली और लोग एक-दूसरे पर ही ठीकरा फोड़ते रहे। 
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जनरल की बेटी डियानडियन ने जिनपिंग पर हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान बिना किसी कारण के सारी व्यवस्था केंद्रीकृत कर दी गई। इस दौरान कोविड संक्रमितों को तो आइसोलेट किया ही गया, इसके अलावा उन्हें भी अलग कर दिया गया जिन्हें कोरोना नहीं हुआ था। 

कोविड नीति में बुनियादी वैज्ञानिक सोच का अभाव 
डियानडियन ने अपने विस्फोटक पत्र में आरोप लगाया है कि डायनेमिक क्लियरिंग पॉलिसी के माध्यम से कोविड निदान और उपचार योजना के नौवें संस्करण की मूल प्रथा का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह नोवेल कोरोनावायरस की उत्परिवर्तन विशेषताओं के अनुरूप नहीं है, और इसमें बुनियादी वैज्ञानिक सोच का अभाव है। उन्होंने लिखा कि यह उस सामान्य जानकारी से उलट है कि समस्याओं को पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। 

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