चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता
- फोटो : ANI
बीते दिनों चीन के जासूसी गुब्बारे के अमेरिका के हवाई क्षेत्र में दाखिल होने का मामला खूब सुर्खियों में रहा था। हालांकि चीन ने जासूसी की बात से इनकार किया था। अब एक बार फिर चीन ने जासूसी की बात से इनकार किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी किया है। जिसमें कहा कि अमेरिका के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ अनमैन्ड एयरशिप पूरी तरह से अप्रत्याशित थी।
चीन के विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कथित जासूसी गुब्बारे को लेकर सवाल किया गया था। जिस पर उन्होंने कहा कि 'हमने कई बार साफ किया है और एक बार फिर कह रहे हैं कि अनमैन्ड नागरिक एयरशिप का अमेरिकी हवाई क्षेत्र में दाखिल होना पूरी तरह से अप्रत्याशित घटना थी। चीन इस घटना को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने को खारिज करता है।'
चीन ने शक की वजह भी खुद दी
बता दें कि चीन का कहना है कि जिस गुब्बारे को जासूसी गुब्बारा बताया जा रहा है, वह असल में मौसम की जानकारी और रिसर्च के उद्देश्य के लिए था। हालांकि चीन ने शक की वजह भी खुद दे दी है। दरअसल कई बार पूछे जाने के बाद भी चीन ने उस कंपनी का नाम नहीं बताया है, जिसका संबंध इस गुब्बारे से है। चीन के विदेश मंत्रालय के ताजा बयान में भी गुब्बारा किस कंपनी से संबंधित था, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
ये भी पढ़े-
Aliens Report: क्या ब्रह्मांड में एलियंस हैं? पेंटागन की इस रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पेंटागन कर रहा जांच
चीन के विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका के पेंटागन की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने सोमवार को ही अपने एक बयान में कहा था कि चीन के जासूसी गुब्बारे की जांच और समीक्षा की जा रही है। पेंटागन की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने जासूसी गुब्बारे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अभी की स्थिति ये है कि हम अभी भी समीक्षा कर रहे हैं कि असल में चीन ने जासूसी गुब्बारे में क्या सूचनाएं इकट्ठा की। अमेरिका के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीन जासूसी गुब्बारे को हवा में संचालित करने में सक्षम था, ऐसे में हो सकता है कि उसने अमेरिका के सैन्य बेस की निगरानी की हो। गुब्बारे में इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल लगे थे और उन सिग्नल्स की मदद से रियल टाइम जानकारी बीजिंग भेजी जा सकती थी।
बता दें कि बीती 28 जनवरी को अमेरिका के राज्य अलास्का से एक जासूसी गुब्बारे ने अमेरिका के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके बाद 4 फरवरी तक यह विशाल गुब्बारा अमेरिका के कई राज्यों के ऊपर से होकर गुजरा। साथ ही कई सैन्य ठिकानों के ऊपर भी गुजरा। जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि इस गुब्बारे की मदद से खुफिया जानकारी इकट्ठा की गई। चार फरवरी को अमेरिका ने इस गुब्बारे को निशाना बनाकर गिरा दिया था और उसके अवशेषों की जांच की जा रही है।