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चीन: कारोबारियों को चैन की सांस नही, अब लाइव स्ट्रीमिंग कंपनियों पर कसा शिकंजा

Sun, 03 Apr 2022 02:07 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

एक रिपोर्ट के मुताबिक नए लागू किए गए नियमों का असर टिक टॉक, अली बाबा, टेन्सेंट और कुआइशोऊ जैसी कंपनियों पर पड़ेगा। इन सभी कंपनियों के खिलाफ 2020 के आखिरी महीनों से ही कार्रवाई चल रही है। नए नियमों से उन पर शिकंजा और सकेगा।
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टिकटॉक - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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चीन में अब उन टेक्नोलॉजी कंपनियों पर सरकार का डंडा पड़ा है, जो लाइव स्ट्रीमिंग की सेवा देती हैं। चीनी सरकार ने कहा है कि लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दायरे में टैक्स चोरी करने वाली लाइव स्ट्रीमिंग कंपनियां भी आएंगी। साइबर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (सीएसी), स्टेट टैक्सेसन एडमिनिस्ट्रेशन (एसटीए), और स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट सुपरविजन (एसएएमआर) ने इस बारे में एक दस्तावेज इसी हफ्ते जारी किया है।

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चीन के टीवी चैनल- चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) बीते 15 मार्च को अपना एक वार्षिक कार्यक्रम पेश किया था। उसमें प्रसारित एक रिपोर्ट में बताया गया कि ई-कॉर्मस से जुड़े कई एंकरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों (सोशल मीडिया के जरिए जनमत को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों) ने उपभोक्ताओं को गुमराह किया है। इन लोगों ने अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान अधिक दर्शक संख्या दिखाने के लिए फर्जी तरीकों का सहारा लिया। इस रिपोर्ट से चीन के सरकारी हलकों में काफी हलचल मची। बताया जाता है कि उसी के बाद नए कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

वेबसाइट एशिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक नए लागू किए गए नियमों का असर टिक टॉक, अली बाबा, टेन्सेंट और कुआइशोऊ जैसी कंपनियों पर पड़ेगा। इन सभी कंपनियों के खिलाफ 2020 के आखिरी महीनों से ही कार्रवाई चल रही है। नए नियमों से उन पर शिकंजा और सकेगा। पर्यवेक्षकों के मुताबिक ताजा नियम चीन में बड़ी कंपनियों के खिलाफ जारी कार्रवाई का ही हिस्सा है। इस कार्रवाई के कारण कई कंपनियों को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। कार्रवाई की शुरुआत 2020 में अली बाबा कंपनी का आईपीओ रोकने के साथ हुई थी।
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पिछले साल सीएसी ने डिडी ग्लोबल नाम की कंपनी के ऐप को प्रतिबंधित कर दिया था। उस कंपनी पर आरोप था कि वह चीन के लोगों का डेटा गैर कानूनी ढंग से विदेश ट्रांसफर कर रही है। उसके बाद एसएएमआर ने फूड डिलिवरी कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि उनसे जुड़े सभी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी मिले। साथ ही कर्मचारियों पर से काम का बोझ घटाने और उन्हें रोड सुरक्षा के तरीकों से प्रशिक्षित करने का आदेश भी दिया गया था।

उसी सिलसिले में अब अगला डंडा लाइव स्ट्रीमिंग कंपनियों पर पड़ा है। सरकार ने कहा है- लाइव स्ट्रीमिंग कंपनियों ने हाल के वर्षों में रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन उनके प्लैटफॉर्म्स के प्रबंधन में कई समस्याएं भी देखने को मिली हैँ। ये कंपनियां अनियमित मार्केटिंग, टैक्स चोरी आदि में शामिल रही हैं, जिससे इस उद्योग के स्वस्थ विकास में रुकावट आई है। साथ ही इससे सामाजिक औचित्य और न्याय भी बाधित हुए हैँ।  

खबरों के मुताबिक 15 मार्च को सीसीटीवी पर रिपोर्ट प्रसारित होने के बाद से ही लाइव स्ट्रीमिंग कंपनियों के शेयरों के भाव में गिरावट देखने को मिली है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक चीन सरकार ने हाल में अपने एजेंडे को लागू करते हुए कंपनियों और उनके शेयर धारकों के हितों की परवाह नहीं की है। इससे देश में कारोबार का माहौल बिगड़ा है। 

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