निक्कई एशिया के मुताबिक रिसर्च कंपनी गावेकल ड्रैगोनोमिक्स के विश्लेषक एरनन कुई ने इस गुरुवार को अपनी कंपनी के ग्राहकों को भेजे एक मेल में लिखा- ‘देश में नियमों का एक नया माहौल बनाया जा रहा है। इससे इंटरनेट कंपनियों के विकास और मुनाफा कमाने की क्षमता पर नई सीमाएं लग जाएंगी। साथ ही सरकार का नियंत्रण बढ़ जाएगा। चीनी अधिकारी अब इन कंपनियों को आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाता के रूप में अधिक देख रहे हैं। उनकी राय है कि इन कंपनियों की सख्ती से निगरानी की जानी चाहिए।’
पिछले हफ्ते टेन्सेंट ने 100 अरब युवान का निवेश सामाजिक जिम्मेदारी की परियोजनाओं में करने का एलान किया। पिनडुओडुओ ने 10 अरब युवान का निवेश कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में करने की घोषणा की है। पिनडुओडुओ के चेयरमैन चेन लेई स्वीकार किया कि ये निवेश मुनाफे के लिए नहीं है। अलीबाबा ग्रुप के सीईओ डैनियल झांग ने पिछले तीन अगस्त को कहा था कि उनकी कंपनी ‘एक ऐसी अच्छी कंपनी बनने के लिए वचनबद्ध है, जो चीन और दुनिया के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्मित करेगी।’
पिकिंग यूनिवर्सिटी में डिजिटल सेक्टर के प्रोफेसर रह चुके जेफरी टॉवसन ने कहा है कि ऐसे निवेश से बाजार मूल्य का क्षरण होता है। इससे वह निवेश कहीं और चला जाता है, जिसे कंपनी के विकास में लगाया गया होता। उन्होंने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- ‘हर शेयरहोल्डर की निगाह इस बात पर टिकी है कि ये निवेश सिर्फ एक बार के लिए है या यह एक नियमित परिघटना बनने जा रहा है।’