चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख में सीमा संघर्षों को भारत और चीन ने प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है। यह बात उन्होंने अपने वार्षिक संबोधन में कही। इस दौरान उन्होंने अपने मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाईं और प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी। वांग का यह बयान दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच आया है।
वांग ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर संघर्ष की स्थिति से निपटने के प्रयासों के बारे में बात की। उन्होंने कहा, 'द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने के लिए साझा प्रतिबद्धता के तहत चीन और भारत ने राजनयिक व सैन्य चैनलों के माध्यम से वार्ता जारी रखी है और कुछ निश्चित सीमा इलाकों में संघर्ष को प्रभावी रूप से समझा है और नियंत्रित किया है।'
पिछले साल मई में हुई थी सैन्य गतिरोध की शुरुआत
पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच बनी सैन्य तनाव की स्थिति ने आपसी संबंधों का खासा तल्ख कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच सीमा गतिरोध की स्थिति पिछले साल पांच मई को शुरू हुई थी जब पैंगोंग त्सो झील इलाके में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। इसके बाद दोनों ही पक्षों ने सीमा पर अपने जवानों और हथियारों की तैनाती बढ़ा दी थी।
इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिए बातचीत की शुरुआत हुई थी। कई दौर की वार्ताओं के बाद दोनों पक्ष अगस्त में गोगरा इलाके से सैनिकों को हटाने पर सहमत हुए थे। वहीं, फरवरी में दोनों देशों के बीच पैंगोंग त्सो झील इलाके के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सैनिकों को हटाने की सहमित बनी थी।
अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर वांग ने कही ये बात
इसके साथ ही अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी संवाद के लिए पारस्परिक सम्मान और समानता पर आधारित नया तरीका चुना है। इस साल राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से दो बार फोन वार्ता हुई है और दोनों ने हाल ही में हुई अपनी पहली वर्चुअल बैठक में भी हिस्सा लिया था।