जिम्बाब्वे में संचालित हो रहीं चीनी कंपनियां मानवाधिकारों के उल्लंघन और कर्मचारियों के सुरक्षा मानदंडो को लेकर विवादों में घिर गई हैं। अफ्रीका डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, ताजा मामला चीनी खनन कंपनियों के मालिकों द्वारा हाल ही में कर्मचारियों के साथ की गई बदसलूकी और स्थानीय लोगों के शोषण से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी नियोक्ताओं द्वारा अपनाया गया अनैतिक व्यवहार फिर से उजागर हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह केवल अनैतिक व्यवहार नहीं है। बल्कि चीनी निवेशक आमतौर पर स्थानीय कामगारों पर चोरी करने, मौखिक व शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करने और कानूनों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाते हैं।
सेंटर फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (CDR) की रिपोर्ट में कहा गया है कि ओडजी में चीनी खनन कंपनियां स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामलों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। अफ्रीका डेली की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जिम्बाब्वे के मुतारे जिले के ओडजी पेरी-अर्बन क्षेत्र में संचालित एक चीन द्वारा संचालित सोने की खनन कंपनी पर श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार करने और देश के श्रम कानूनों और विनियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
इसी तरह की एक अन्य घटना भी सामने आई है, जिसमें जिम्बाब्वे डायमंड एंड एलाइड मिनरल्स वर्कर्स यूनियन (ZDAMWU) ने इस मामले में चीनी दूतावास से हस्तक्षेप करने और चीनी निवेशकों को देश के कानूनों का पालन करने के लिए सुनिश्चित करने की अपील की है। बता दें चीन ने हाल के वर्षों में पूरे अफ्रीका में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्त पोषित और ऋण प्रदान किया है, जिसमें जिम्बाब्वे में नई संसद भी शामिल है