अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के फैसले के बाद वहां पैदा होने वाले हालातों और युद्धग्रस्त देश में तालिबान की भूमिका को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने चीनी समकक्ष वांग यी से चर्चा की।
चार देशों की यात्रा पर आए कुरैशी मंगलवार सुबह चीन पहुंचे। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने बताया कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता कायम रखने, कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और अफगान नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया है।
अमेरिका राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह अफगानिस्तान से आधे सैनिक वापस बुलाने का आदेश दिया था। अमेरिका के इस कदम पर अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों, राजनयिकों और अधिकारियों ने हैरानी जताई थी। वहीं, तालिबान ने ट्रंप के फैसले का स्वागत किया था।
अमेरिका और अफगानिस्तान कथित तौर पर तालिबान का समर्थन करने पर पाकिस्तान पर निशाना साधते रहे हैं। अमेरिका के फैसले पर हुआ ने कहा कि यह उनका अपना फैसला है। हालांकि हमारा मानना है कि अफगानिस्तान की समस्या का हल सेना से नहीं हो सकता। राजनीतिक सामंजस्य ही एकमात्र रास्ता है।