चीनी सरकारी मीडिया ने कहा है कि भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले चीन की तरह सख्त नेतृत्व की दरकार है।
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बहुप्रतिक्षित जीएसटी को आखिरकार भारत में मंजूरी दे दी गई है। इसे 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद से देश में सबसे बड़े कर सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि नई कर व्यवस्था प्रभावी ढंग से देश के 29 राज्यों में कैसे लागू की जाती है और इसे लागू करने में कितना वक्त लगेगा।
नोटबंदी और जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था को एकीकृत करने में सबसे सख्त सुधार के तौर पर देखा जा रहा है और इसे लागू करने में निश्चित रूप से कई बाधाएं आएंगी। लिहाजा तेजी आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत को चीन की तरह सख्त नेतृत्व की दरकार है।