डोकलाम विवाद पर युद्ध के बाद होने वाले खतरे को चीन पहले ही भांप गया है। इसी वजह से चीन किसी भी प्रकार के युद्ध से बचने की कोशिश कर रहा है। दरअसल चीनी सरकार का मानना है कि भारत के साथ युद्ध से चीन को फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होगा। बता दें कि करीब 3 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। दोनों ही देश डोकलाम को लेकर अपनी-अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं।
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युद्ध से चीन को सिर्फ जान माल का नुकसान
डोकलाम बॉर्डर पर भारत और चीन के बीच विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। डोकलाम में तनाव की स्थिति ऐसी है कि वहां युद्ध के हालात उत्पन्न हो गए हैं। इसी बीच चीनी सरकार ने युद्ध को लेकर मूल्यांकन किया है। सरकार ने पाया कि डोकलाम पर भारत के साथ युद्ध की स्थिति में चीन को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होगा। चीनी सरकार के अनुमान के मुताबिक युद्ध से चीन को सिर्फ जान माल का नुकसान ही होगा।
चीन को धूल चटाने में भारतीय सेना सक्षम
भारत चीन बॉर्डर
- फोटो : फाइल फोटो
इसी बीच डोकलाम गतिरोध पर भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि डोकलाम पर चीन के बिगड़े रवैये का अंत अब युद्ध ही है। चीन को धूल चटाने में भारतीय सेना सक्षम है। ऐसे में अगर वे नहीं मानें तो हम युद्ध करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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16 जून से चल रहा है विवाद
भारत-चीन-भूटान के बीच स्थित डोकलाम को लेकर 16 जून से विवाद चल रहा है. आपको बता दें कि डोकलाम में चीन की तरफ से किए जा रहे सड़क निर्माण को भारतीय सैनिकों ने रोक दिया था। 2 महीनों से ज्यादा समय से चल रहे इस विवाद में भारत को अमेरिका के समर्थन का अनुमान है, तो वहीं अब जापान का भी समर्थन हासिल होने के बाद भारत की ताकत और भी बढ़ गई है।
बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने की बात
बता दें कि अमेरिका और रूस जैसे बड़े देशों ने भी भारत और चीन से इस मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने को कहा है। इसी बीच भूटान ने भी डोकलाम को अपनी जमीन बताई है जिससे इस मुद्दे पर भारतीय पक्ष को बल मिला है।