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जिनपिंग के ड्रीम प्रोजेक्ट 'CPEC' का कश्मीर मसले से कोई संबंध नहीं- चीन

Tue, 18 Apr 2017 02:21 PM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
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चीन ने मंगलवार को अपने बहुचर्चित चीन पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का बचाव करते हुए कहा है कि इस परियोजना का कश्मीर के साथ कोई सीधा संबंध नहीं है। साथ ही, चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहल पर आधारित 'वन बेल्ट वन रोड' (ओबीओआर) प्रोजेक्ट पर होने वाले शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली का स्वागत किया है। यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है जिसमें 28 राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शामिल होंगे।
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा हम ओबीओआर प्ररियोजना पर भारत का स्वागत करते हैं। वांग ने बताया कि 46 अरब डॉलर की इस परियोजना का मकसद सिर्फ आर्थिक सहयोग और विकास को पूरा करने के लिए है। 

इस परियोजना पर भारत के विरोध के सावल पर वांग ने जवाब देते हुए कहा 'परियोजना का भारत के कश्मीर मुद्दे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा इसका मकसद सिर्फ आर्थिक है, जिसमें पड़ोसी देश के विकास की भी संभावनाएं हैं।'
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सीपीईसी से भारत को हो रहा नुकसान

बता दें कि सीपीईसी चीन के मुस्लिम प्रांत शिंजियांग और पाक अधिकृत पीओके से गुजर रही है, लेकिन इससे भारत को नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि 46 अरब डॉलर की लागत से बनने वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) इसी इलाके से होकर गुजरेगा। वहीं, चीन की इस योजना पर भारत कई बार आपत्ति जता चुका है। इससे पहले सितंबर में हुए जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन-पाक के सीपीईसी का विरोध किया था।

बहुत पहले आई डॉन अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 46 अरब डॉलर की लागत से बनने वाली सीपीईसी योजना को कानूनी तौर मान्यता दिलाने के लिए पाकिस्तान इस इलाके के संवैधानिक दर्जे को बढ़ाने पर विचार कर रहा था। उस रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया था कि इस कदम से पूरे कश्मीर क्षेत्र के भविष्य को लेकर पाकिस्तान के रुख में ऐतिहासिक बदलाव का देखने को मिल सकता है।
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