चीन में रहने वाले माता-पिता दोषपूर्ण टीकाकरण की वजह से काफी नाराज हैं। कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें कहा गया है कि हजारों बच्चों को दोषपूर्ण टीके लगाए गए हैं। माता-पिता का विरोध तब सामने आया जब शुक्रवार को ऐसी खबरे आईं कि चीन के सबसे बड़े ड्रग प्रोड्यूसर चांगचुन चैंगशेंग बायोटेक्नोलॉजी ने कम से कम डिप्थेरिया, टिटनेस और काली खांसी के 250,000 टीके बनाने में मानको का उल्लंघन किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घटिया टीकों को शाहडोंग प्रांत के रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र को बेच दिया गया था। इस प्रांत की जनसंख्या 100 मिलियन है। यहां बच्चों को राज्य द्वारा चलाए जाने वाले
स्वास्थय कार्यक्रम के तहत अनिवार्य रूप से यह टीके लगाए जाते हैं। बवाल बढ़ने के बाद प्रीमियर ली केकियांग ने एक बयान जारी कर कहा कि इस मामले ने नैतिक रेखा को पार कर दिया है और राष्ट्र को स्पष्टीकरण चाहिए।
केकियांग ने कहा, राज्य परिषद को तुरंत एक समूह को सच्चाई से पर्दा हटाने के लिए जितनी जल्दी हो सके भेजना चाहिए और किसी भी तरह की गलती पर सख्त सजा दी जाएगी बजाए यह देखे कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं। हम अवैध और आपराधिक कृत्यों पर दृढ़ता से कार्रवाई करेंगे जो लोगों की जिंदगी खतरे में डालते हैं और कानून को तोड़ते हैं। अभी तक इन
टीकों की सवजह से किसी बच्चे के बीमार होने की रिपोर्ट नहीं मिली है।
15 जुलाई को सरकार ने पाया था कि इसी कंपनी ने निर्मित उत्पादन डेटा और रेबीज टीके के निरीक्षण रिकॉर्ड गलत बताए थे। जिसके बाद कंपनी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया था और टीका को वापस भेज दिया था।