पाकिस्तान को वर्तमान आर्थिक संकट से उबारने के लिए चीन उसे ‘जरूरी मदद’ उपलब्ध कराएगा। एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीने प्रधानमंत्री ली क्विंग से मुलाकात की और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इसके बाद दोनों देशों ने 16 करार पर हस्ताक्षर किये।
इमरान खान अपनी पहली चीन यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर के सीपीईसी को लेकर मतभेदों को दूर करना है। इसके अलावा वह ‘मित्र देशों’ से संपर्क कर रहा है ताकि उसे कड़े शर्तों पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से राहत राशि नहीं लेनी पड़े। खान का स्वागत करते हुए क्विंग ने कहा, 'आप कह सकते हैं कि चीन और पाकिस्तान हर वक्त के साझीदार हैं।'
क्विंग ने कहा, 'हमारे बीच बहुत अधिक राजनीतिक विश्वास है और सभी क्षेत्रों में करीबी सहयोग संबंध है। चीन अपनी विदेश नीति के तहत हमेशा से पाकिस्तान को प्राथमिकता देता आया है। आपकी यात्रा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।'
क्विंग को धन्यवाद देते हुए खान ने कहा, '2013 में सीपीईसी केवल एक विचार था और तब से अब तक दोनों देशों के रिश्ते में अधिक गहराई आयी है। अब यह जमीन पर उतर चुका है। पाकिस्तान के लोगों को यह परिकल्पना पसंद आयी है।' खान ने कहा कि उनका देश चीन में प्रगति और
निवेश को आमंत्रित करने के अवसर देखता है।