पाकिस्तान पर आतंकियों के पनाहगाहों को खत्म करने के अमेरिकी दबाव के खिलाफ चीन मैदान में उतर आया है। चीन ने अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ इसकी सक्रिय कोशिशों को पूरी मान्यता देनी चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में में कहा गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने में हमेशा आगे रहा है। पिछले कई सालों पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने की जोरदार कोशिश कर रहा है। आतंकवाद की वजह से पाकिस्तान को काफी बलिदान देना पड़ा है। उसने बहुत कुछ खोया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के आतंकरोधी अभियानों को पूरी मान्यता दे। चीन भी आतंकरोधी अभियानों में दुनिया की मदद करने के लिए तत्पर है। हमें पूरी उम्मीद है कि अमेरिका और पाकिस्तान एक दूसरे की कोशिशों का पूरा सम्मान करते हुए इस क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए काम करेंगे।
चीनी विदेश मंत्रालय का यह बयान अमेरिकी सेनाध्यक्ष जनरल जोसफ डनफोर्ड की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें कहा गया था पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के आतंकी समूहों से संबंध हैं। लिहाजा पाकिस्तान को अब अपना रवैया सुधारना होगा।
इससे पहले रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस ने एक संसदीय कमेटी से कहा था कि अमेरिका ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अपना रवैया सुधारने के लिए कहा है। उन्होंने कहा था आतंकवादियों को मिल रही पाकिस्तानी मदद को खत्म करने के लिए अमेरिका एक बार फिर पाकिस्तान सरकार से मिल कर काम करने को तैयार है।
टिलरसन पहुंचाएंगे ट्रंप का कड़ा संदेश
हालिया खबरों में कहा गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन जल्द ही पाकिस्तान की यात्रा कर उसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा संदेश देंगे। ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों का समर्थन करने की नीति छोड़ दे।