एप्पल इंक चीन में अपने ट्रेडमार्क आईफोन की लड़ाई हार गई है। बीजिंग म्यूनिसिपल हाई पीपुल्स कोर्ट ने चमड़े के पर्स और हैंडबैग निर्माता कंपनी शिनतोंग तियांदी टेकभनोलॉजी (बीजिंग) लिमिटेड को आईफोन का नाम इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। चीन के अदालत का यह फैसला एप्पल के लिए एक बड़ा झटका है। एप्पल की हालिया तिमाही की कमाई में आईफोन की बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
एप्पल ने साल 2002 में चीन में अपने इलेक्ट्रॉनिक सामान के ट्रेडमार्क के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था लेकिन इसे साल 2013 में मंजूरी मिली। शिनतोंग तियांदी ने चीन में अपने ‘आईफोन’ ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था। 2007 में ही एप्पल के आईफोन का फर्स्ट जेनरेशन अमेरिका में लांच हुआ था। चीन में आईफोन ट्रेडमार्क पर अपना अधिकार प्राप्त करने के लिए एप्पल ने यह मामला चीनी ट्रेडमार्क प्राधिकरण के समक्ष 2012 में रखा।
लेकिन एप्पल को सफलता नहीं मिली क्योंकि एजेंसी का कहना था कि एप्पल इस बात को साबित नहीं कर पाई कि 2007 में शिनताेंग तियांदी के रजिस्ट्रेशन से पहले आईफोन एक जाना माना नाम था। इसके बाद एप्पल ने बीजिंग कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने एप्पल के खिलाफ फैसला दिया इसके बाद कंपनी ने बीजिंग म्यूनिसिपल हाई पीपुल्स कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने कहा कि एप्पल 2009 से पहले चीन में आईफोन नहीं बेचती थी। चाइना डेली के अनुसार, अंतिम फैसले के मुताबिक शिनतोंग तियांदी आईफोन के नाम से अपने उत्पाद बेच सकती हैं। इस मसले पर एप्पल की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है।