इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'सिक्योर' (SECURE) का नया कॉन्सेप्ट दिया है। उन्होंने कहा कि S यानी सिक्योरिटी फॉर सिटीजन, E यानी इकोनॉमिक डेवलपमेंट, C यानी कनेक्टिविटी इन द रीजन, U यानी यूनिटी, R यानी रेस्पेक्ट फॉर सोवरेनिटी एंड इंटिग्रिटी और E यानी एनवायरमेंट प्रोटेक्शन। पीएम ने कहा कि भारत का जोर पड़ोसियों के साथ कनेक्टिविटी पर है।
पीएम ने अफगानिस्तान में शांति के मजबूत प्रयास करने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की तारीफ भी की। वहीं, इस सम्मेलन के स्वागत समारोह में पीएम मोदी ने 6 सप्ताह के अंदर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात की थी। इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद हैं।
इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर निशाना साधा था। उन्होने कहा था कि "भारत की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। मैं आशा करता हूं कि शांति की दिशा में राष्ट्रपति अशरफ गनी द्वारा उठाए गए कदमों का क्षेत्र में हर कोई सम्मान करेगा। बिना नाम लिए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था।"
बता दें शनिवार को पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने वुहान में हुई अनौपचारिक बैठक में लिए फैसलों के क्रियान्वयन पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच बाढ़ के आंकड़े उपल्ध कराने और चावल के निर्यात के नियम सरल बनाने को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हुए। दोनों नेताओं के बीच पिछले 6 हफ्तों में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले पीएम मोदी ने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव के साथ भी बैठक की थी।
जानकारी के लिए बता दें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की स्थापना साल 2001 में हुई थी। इसके उद्देश्यों में सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और सेंट्रल एशिया में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना शामिल है। इसके सदस्य देश चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान हैं।