पाकिस्तान का सहयोगी चीन आतंकी समूह तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता में आने की बात को लेकर परेशान है। दरअसल, इस वक्त अमेरिका के समर्थन से अफगान-तालिबान शांति वार्ता हो रही है। ऐसे में चीन को डर है कि अगर अफगानिस्तान में तालिबान जैसे आतंकी समूहों के हाथ में सत्ता आती है तो उसकी महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बनने की राह में अड़चनें आ सकती हैं।
साथ ही पजवोक न्यूज एजेंसी में हबीबा आशना के एक लेख के मुताबिक, चीन अफगानिस्तान में तालिबान सरकार नहीं देखना चाहता है, क्योंकि अफगानिस्तान में आतंकवाद को लेकर उसकी सबसे पहली चिंता शिनजियांग प्रांत की सुरक्षा को लेकर है, जो उइगर मुस्लिमों का घर है।
ऐसे में तालिबान के आने से उइगर मुस्लिम शिनजियांग प्रांत में विद्रोह कर सकते हैं। वहीं, चीन का दोस्त पाकिस्तान अफगानिस्तान में तालिबान सरकार देखना चाहता है, जिसे इस्लामाबाद दूर से नियंत्रित करेगा।