इस्लामाबाद में सोमवार को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के एक दशक पूरे होने पर जश्न समारोह आयोजित किया गया था। शी जिनपिंग ने अपने बधाई संदेश में कहा कि साठ अरब डॉलर की सीपीईसी बुनियादी ढांचा कार्यक्रम बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की एक अहम अग्रणी परियोजना है। बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाली सीपीईसी का भारत विरोध करता रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजर रही है।
इस कार्यक्रम में चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने भाग लिया, जो पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। शी जिनपिंग ने कहा, 'चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर उच्च मानक, सतत और आजीविका बढ़ाने वाले परिणामों का लक्ष्य रखेगा और सीपीईसी को उच्च गुणवत्ता वाले बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की एक अनुकरणीय परियोजना के रूप में आगे बढ़ाएगा।
'साझा लाभ के लिए आगे बढ़ा रहे सीपीईसी'
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने जिनपिंग के हवाले से कहा, '2013 में इसकी शुरुआत के बाद से चीन और पाकिस्तान व्यापक विचार-विमर्श, संयुक्त योगदान और साझा लाभ के सिद्धांत के तहत सीपीईसी को आगे बढ़ा रहे हैं।' सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी ने कहा कि सीपीईसी ने पाकिस्तान के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति दी है और क्षेत्रीय संपर्क एवं एकीकरण के लिए अच्छी नींव रखी है।
'चीन हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा'
उन्होंने कहा कि यह परियोजना चीन और पाकिस्तान के बीच सदाबहार मित्रता का ज्वलंत प्रमाण है और यह नए युग में साझा भविष्य के साथ चीन-पाकिस्तान समुदाय के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। इस बात पर जोर देते हुए कि चीन और पाकिस्तान समग्र योजना में सुधार करना जारी रखेंगे और सहयोग का विस्तार करेंगे, शी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य कैसे बदल सकता है, चीन हमेशा पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
'विकास के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे'
शी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान दोस्ती को आगे बढ़ाने, विकास और सुरक्षा के समन्वय के लिए एकजुटता के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश उच्च मानकों, व्यापक दायरे और अधिक गहराई के सहयोग को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे और चीन-पाकिस्तान सदाबहार रणनीतिक सहयोग साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे, ताकि दोनों देशों और व्यापक क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए और भी बड़ा योगदान दिया जा सके।
2013 में जिनपिंग ने की थी बीआरआई की शुरुआत
सीपीईसी परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण समझौते पर 2013 में सहमति बनी थी, लेकिन इसे औपचारिक रूप से तब शुरू किया गया जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2015 में पाकिस्तान का दौरा किया। बीआरआई की शुरुआत चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2013 में की थी। इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है।
श्रीलंका ने 99 साल की लीज पर दिया था बंदरगाह
बीआरआई को चीन द्वारा दुनिया भर में चीनी निवेश द्वारा वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ विदेशों में अपने प्रभाव को आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है। इस पहल से छोटे देशों पर चीन के बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबे होने के आरोप भी लगे क्योंकि श्रीलंका ने 2017 में अपने हंबनटोटा बंदरगाह को 99 साल की लीज पर चीन को दे दिया था।