Hirsh Vardhan Singh: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल के एक और दावेदार, जानें कौन हैं हर्ष वर्धन सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 31 Jul 2023 05:40 PM IST
सार
Hirsh Vardhan Singh: अमेरिका में अगले साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। इसी कड़ी में भारतवंशी हर्ष वर्धन सिंह ने रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय हर्ष वर्धन सिंह पेशे से इंजीनियर हैं। उनके माता-पिता भारतीय अप्रवासी हैं जो अमेरिका में बस गए थे।
भारतवंशी हर्ष वर्धन सिंह
- फोटो : AMAR UJALA
अमेरिका में 2024 राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी पेश करने की दौड़ तेज हो गई है। इस बीच एक और भारतीय मूल के नेता ने इस चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर दी है। भारतीय मूल के इंजीनियर हर्ष वर्धन सिंह ने रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। इस चुनाव में दावेदारी पेश करने वाले हर्ष भारतीय मूल के तीसरे उम्मीदवार बन गए हैं। इसके पहले निक्की हेली और विवेक रामास्वामी भी रिपब्लिकन पार्टी से अपना दावा ठोक चुके हैं। आइये जानते हैं हर्ष वर्धन सिंह के बारे में...
भारतवंशी हर्ष वर्धन सिंह
- फोटो : AMAR UJALA
अमेरिका में 2024 राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी पेश करने की दौड़ तेज हो गई है। इस बीच एक और भारतीय मूल के नेता ने इस चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर दी है। भारतीय मूल के इंजीनियर हर्ष वर्धन सिंह ने रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। इस चुनाव में दावेदारी पेश करने वाले हर्ष भारतीय मूल के तीसरे उम्मीदवार बन गए हैं। इसके पहले निक्की हेली और विवेक रामास्वामी भी रिपब्लिकन पार्टी से अपना दावा ठोक चुके हैं। आइये जानते हैं हर्ष वर्धन सिंह के बारे में...
भारतवंशी हर्ष वर्धन सिंह
- फोटो : SOCIAL MEDIA
कौन हैं हर्ष वर्धन सिंह?
38 वर्षीय हर्ष वर्धन सिंह पेशे से इंजीनियर हैं। उनके माता-पिता भारतीय अप्रवासी हैं जो अमेरिका में बस गए थे। हर्ष ने 2009 में न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने इंजीनियर के साथ-साथ फेडरल कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम किया है। फिलहाल वह रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग के कार्यकारी के रूप में जाने जाते हैं।
ऐसे शुरू हुआ सियासी सफर
हर्ष खुद को आजीवन रिपब्लिकन और अमेरिका फर्स्ट का प्रबल समर्थक मानते हैं। हर्ष ने 2017 में न्यू जर्सी की रिपब्लिकन पार्टी के रूढ़िवादी मोर्चे को दोबारा खड़े करने में मदद की थी। अपनी राजनीतिक यात्रा में 2017 और 2021 में न्यू जर्सी के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी से नामांकन भरा। 2018 में एक हाउस सीट और 2020 में एक सीनेट पद की दौड़ में शामिल हुए। हालांकि, इन तमाम प्रयासों में हर्ष को सफलता नहीं मिली।
गवर्नर पद के लिए अपनी हालिया दावेदारी के दौरान हर्ष ने खुद को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी बताया है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप से ज्यादा रूढ़िवादी चेहरे के रूप में खुद को स्थापित किया। हालांकि, वह गवर्नर पद के नामांकन के लिए तीसरे स्थान पर रहे।
भारतीय मूल के इंजीनियर हर्ष वर्धन सिंह
- फोटो : SOCIAL MEDIA
अभी क्यों चर्चा में हैं हर्ष?
हर्ष सिंह की नजर अब अमेरिका के सबसे बड़े सार्वजनिक पद पर है। इसी कड़ी में पिछले दिनों हर्ष वर्धन सिंह ने रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी। हर्ष ने खुद को 'एकलौता शुद्ध रक्त उम्मीदवार' बताया है क्योंकि उन्होंने कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने से इनकार कर दिया था। एक वीडियो पोस्ट में हर्ष ने उन मुद्दों के बारे में बात की जो हाल ही में जोर पकड़ रहे हैं। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने जीवनकाल का सबसे महान राष्ट्रपति भी कहा लेकिन साथ ही कहा कि अमेरिका को और अधिक की जरूरत है।
भारतवंशी हर्ष वर्धन सिंह
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कितनी मजबूत है हर्ष की दावेदारी?
अन्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों की तुलना में हर्ष की घोषणा देर से हुई है। अब तक सीमित मीडिया कवरेज के साथ, उन्हें अभी भी राष्ट्रीय मान्यता का बराबर दर्जा भी हासिल नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकांश भारतवंशी मतदाता डेमोक्रेट हैं और यह कहना कठिन है कि रिपब्लिकन भारतीय मूल के उम्मीदवार उनका कितना समर्थन जुटा पाएंगे। कहा गया कि पहले जब भारतवंशी रिपब्लिकन के रूप में चुनाव लड़े थे, तो उन्होंने शायद ही कभी अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में ज्यादा बात की हो। हर्ष ने बार-बार अपने उपनाम का मतलब 'शेर' बताया है। वहीं, उनके चुनाव प्रचार में भी शेर का सिर दिखाया गया है।
ओपिनियन पोल विश्लेषक फाइव थर्टीएट के अनुसार, जुलाई 2023 के अंत तक ट्रंप रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच सबसे आगे थे। लगभग 52 प्रतिशत रिपब्लिकन समर्थक ट्रंप के पक्ष में थे। करीब 15 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस थे। रॉन, कभी ट्रंप के सहयोगी हुआ करते थे लेकिन अब प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। भारतीय मूल के उद्यमी रामास्वामी 6.8 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसको देखते हुए फिलहाल हर्ष की उम्मीदवारी अन्य की तुलना में बेहद कमजोर है।
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- फोटो : PTI
राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार का चयन कब?
रिपब्लिकन पार्टी के नामांकन की दौड़ में ट्रंप भी शामिल हैं, जो कानूनी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद अहम दावेदार बने हुए हैं। 15 से 18 जुलाई 2024 तक मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन में होने वाला रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में पार्टी के अगले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को औपचारिक रूप से चुना जा सकता है।
यहां, रिपब्लिकन के अन्य सदस्य पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के लिए अपनी प्राथमिकता में मतदान करेंगे। विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी भी इसी प्रक्रिया का पालन करेगी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के दोबारा चुनाव लड़ने के फैसले के साथ किसी नए प्रत्याशी के जीतने की संभावना न के बराबर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की प्रेसिडेंशियल डिबेट
- फोटो : iStock
अमेरिका में क्या है राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया?
राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया में लगभग दो साल लगते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवारों को बुनियादी शर्तों को पूरा करना चाहिए। यहां राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए नियम के मुताबिक, जन्म से अमेरिका का नागरिक होना होता है। उम्र भी कम से कम 35 साल होनी चाहिए और 14 साल से वहां का निवासी होना चाहिए।
प्राइमरी (इसका संचालन नियमित पोलिंग स्टेशन पर होता है) और कॉकस कॉकस (एक तरह की स्थानीय बैठक) दो तरीके हैं जिनसे लोग राज्यों और राजनीतिक दलों को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनने में मदद करते हैं।
राजनीतिक दल राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के अपने चयन को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करते हैं। हर चार साल में, अमेरिकी नागरिक आम चुनाव के दौरान राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए मतदान करते हैं। इलेक्टोरल कॉलेज तय करता है कि अमेरिका का राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति कौन चुना जाएगा।