पूरी दुनिया से कोरोनावायरस की जानकारी छिपाने और इसके महामारी बन जाने के बाद दूसरों को आरोपी ठहराने वाले चीन ने एक बार फिर अपनी वही पुरानी हरकत दोहराई है। दरअसल, चीन के बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक से ठीक पहले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का पहला केस मिला। इसे लेकर ड्रैगन ने अमेरिका और कनाडा पर जुबानी हमला बोल दिया। चीन ने आरोप लगाया कि कनाडा से बीजिंग भेजा गया एक अंतरराष्ट्रीय मेल, जो कि अमेरिका और हॉन्गकॉन्ग के रास्ते आया था, उसी के जरिए ओमिक्रॉन चीन पहुंचा।
चीनी मीडिया के मुताबिक, बीजिंग में ओमिक्रॉन का जो इकलौता केस मिला है, उसकी ट्रैकिंग में पाया गया कि चीन में यह वैरिएंट कनाडा से आए एक अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज के जरिए पहुंचा। बताया गया है कि चीन में जो स्ट्रेन मिला, वह उत्तर अमेरिका और सिंगापुर में भी मिला है।
गौरतलब है कि चीन की राजधानी बीजिंग में चार फरवरी से शीतकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन होना है। ऐसे में अधिकारियों पर ओमिक्रॉन के प्रसार को रोकने का बड़ा दबाव है। इसी के चलते बीजिंग के अफसरों ने बीजिंग में मिले पहले ओमिक्रॉन मामले की ट्रेसिंग शुरू की। इससे पहले ओमिक्रॉन का एक मामला चीन के तियानजिन शहर में भी सामने आ चुका है।
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल का दावा है कि बीजिंग में मिले ओमिक्रॉन संक्रमित को 11 जनवरी को पैकेज मिला था। मरीज ने कहा है कि उसने पैकेज की बाहरी सतह को छुआ और फिर दस्तावेज के पहले पन्ने को पढ़ा। अफसरों के मुताबिक, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पैकेजों के 22 सैंपल्स इकट्ठा किए हैं और इन सभी के टेस्ट पॉजिटिव आए हैं। बीजिंग प्रशासन का कहना है कि मरीज का कोई यात्रा रिकॉर्ड नहीं है।