चीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अमेरिका का मुख्य मकसद द्वीप को ठोस अमेरिकी समर्थन की पुष्टि करना था। इस एक दिनी यात्रा के दौरान अमेरिकी सांसदों ने ताइवान के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। हालांकि यात्रा के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई।
चीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अमेरिका के पांच सांसद बृहस्पतिवार की रात अचानक ताइवान पहुंचे। उन्होंने ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन से मुलाकात भी की। इस दौरे का मुख्य मकसद द्वीप को ठोस अमेरिकी समर्थन की पुष्टि करना था। इस एक दिनी यात्रा के दौरान अमेरिकी सांसदों ने ताइवान के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। हालांकि यात्रा के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई।
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चीन से तनाव के बीच हुआ दौरे का मकसद द्वीप को ठोस अमेरिकी समर्थन की पुष्टि
ताइवान में अमेरिकी दूतावास ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट इन ताइवान’ ने बताया कि इस एक दिनी यात्रा पर कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत हुई। अमेरिकी सांसद ऐसे समय में ताइवान दौरे पर आए हैं, जब ताइवान और चीन के बीच तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।
वर्ष 1949 में छिड़े गृहयुद्ध के दौरान दोनों पक्षों के अलग होने के बाद से ताइवान में स्वशासन है, लेकिन चीन का दावा है कि यह द्वीप उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। दक्षिणी कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद नैंसी मेस ने ट्वीट किया, ताइवान गणराज्य की धरती पर मार्क ताकानो, एलिसा स्लॉटकिन, कॉलिन आलरेड, सारा जैकब्स और मेस का प्रतिनिधिमंडल पहुंच चुका है। इससे कुछ ही सप्ताह पहले छह रिपब्लिकन सांसदों का समूह इस द्वीप पर आया था। अमेरिकी सांसद इस साल तीसरी बार ताइवान आए हैं।