माइकोप्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के बढ़ते मामलों पर चीन ने डब्ल्यूएचओ को जवाब दिया है। चीन ने कहा है कि हालिया निमोनिया प्रकोप से पीड़ित रोगियों में कोई असामान्य या नया रोगजनक नहीं पाया गया है।
चीन ने दावा किया है कि उनके देश में रिपोर्ट किए गए हालिया निमोनिया संक्रमण के मामलों में कोई चिंताजनक बातें सामने नहीं आई हैं। चीन का कहना है कि मौसमी बीमारियों के अलावा देश में किसी असामान्य या नए रोगजनक का पता नहीं चला है। दक्षिणी क्षेत्रों में माइकोप्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर चीन के जवाब के बाद वैश्विक चिंताओं के कम होने की संभावना है। खतरा खासकर बच्चों में बीमारी फैलने का था।
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वैश्विक चिंताओं को कम करने की कोशिश के तहत चीन ने डब्लूएचओ को माइकोप्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के बढ़ते मामलों की रिपोर्टों पर पूछे गए सवालों का जवाब दिया। चीन ने कहा कि श्वसन रोगों में उछाल का कारण प्रतिरक्षा अंतराल (immunity gap) है। बता दें कि चीन में निमोनिया संक्रमण के मामले सामने आने के बाद भारत सहित दुनिया भर में अलर्ट जारी किया गया।
बता दें कि WHO और चीन दोनों को COVID-19 महामारी के कारण गैर-पारदर्शी डेटा / सूचना साझा करने के आरोपों का सामना करना पड़ा है। 2019 में चीनी शहर वुहान से शुरू हुआ कोरोना का प्रसार बड़े पैमाने पर महामारी में बदला और दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हुई।
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अब माइकोप्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के मामलों के कारण चीन में बड़ी संख्या में बच्चे अस्पताल में भर्ती कराए गए। मीडिया रिपोर्टों के जवाब में, डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को चीन से विस्तार से जानकारी मांगी। शुक्रवार को जिनेवा में जारी डब्ल्यूएचओ के एक बयान में चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों से प्राप्त जानकारी का हवाला दिया गया। इसके अनुसार, चीन में किसी भी असामान्य या नए रोगज़नक़ या असामान्य वायरस का पता नहीं चला है। कई कारणों से श्वसन संबंधी बीमारियों में सामान्य वृद्धि दर्ज की गई है।