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कोरोना के बढ़ते बदलते संक्रमण से जूझ रही दुनिया, पर चीन काट रहा चांदी

Sat, 26 Dec 2020 03:32 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

  • चीन के उद्योगों में जबरदस्त उत्पादन, नौकरियां 112 फीसदी बढ़ीं।
  • मजदूरों के लिए बढ़े अवसर के कारण कई जगहों पर उनके वेतन में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
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चीन में मजदूरों की कमी - फोटो : iStock
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विस्तार
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चीन को मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के असर से चीन की अर्थव्यवस्था से जल्द उबर जाने के बाद वहां के कारखानों को असाधारण तेजी से ऑर्डर मिले हैं। इस वजह से कंपनियों पर ज्यादा उत्पादन का दबाव बढ़ गया है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल पिछले नवंबर तक चीन में औसत से 112 फीसदी ज्यादा नौकरियां पैदा हो चुकी थीं।

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हांगकांग के अखबार एशिया टाइम्स फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक रोबोट, कम्प्यूटर उपकरण और इंटीग्रेटेड सर्किट्स का उत्पादन चीन ने पिछले महीनों में तेजी से बढ़ाया है। नवंबर में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में रोबोट का उत्पादन 22 फीसदी, कम्प्यूटर उपकरण का 10 फीसदी और इंटीग्रेटेड सर्किट्स का 16 प्रतिशत बढ़ा। इनमें से ज्यादातर उत्पादन विदेशों से आए ऑर्डर के कारण बढ़ा है। पिछले महीने नौ महीनों में आठ महीने ऐसे रहे हैं, जब चीन का निर्यात बढ़ा।





विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था में सुधार की बेहद धीमी रफ्तार का फायदा चीन को मिल रहा है। पश्चिमी देशों में अभी तक कोरोना महामारी पर काबू नहीं पाया जा सका है। वहां बार- बार लागू किए गए लॉकडाउन का बहुत खराब असर औद्योगिक उत्पादन पड़ा है। दूसरी तरफ चीन ने महामारी पर जल्द काबू पा लिया। इस कारण वहां आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो गईं। इसे देखते हुए अब ब्रिटेन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर इकॉनोमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च ने अनुमान लगाया है कि चीन अब 2028 में ही अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। पहले ऐसा 2033 में होने का अनुमान इस संस्था ने लगाया था।
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यह भी पढ़ें: भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, पीछे छूट जाएंगे ब्रिटेन-जर्मनी और जापान

जापान के इन्वेस्टमेंट बैंक नोमुरा के मुताबिक चीन से निर्यात में इस साल की दूसरी और तीसरी तिमाही में क्रमशः 13 और 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नोमुरा ने कहा है कि 2006 के बाद से यह उच्चतम बढ़ोतरी है। अमेरिका और यूरोप से हाल के महीनों चीन को जिन चीजों के ऑर्डर मिले, उनमें पीपीई किट और लॉकडाउन के कारण घरों में बंद लोगों के लिए जरूरी उपकरण शामिल हैं।

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एशिया टाइम्स फाइनेंशियल की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के औद्योगिक क्षेत्र जिनहुआ में औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार पाए लोगों की संख्या 2017 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसी क्षेत्र में मौजूद यिवू शहर में थर्मस फ्लास्क बनाने वाली एक फैक्टरी के मालिक देंग जिनलिंग ने इस अखबार को बताया कि इस साल की पहली छमाही में इस फैक्टरी से 50 मजदूरों को हटा दिया गया था।

लेकिन अब उन्हें फिर बहाल कर लिया गया है। साथ ही कंपनी नए योग्य कर्मचारियों की तलाश में है, जो फिलहाल उसे नहीं मिल पा रहे हैं। देंग ने बताया कि उनकी कंपनी को पश्चिम एशिया, अमेरिका और यूरोप से बड़े पैमाने पर हाल में ऑर्डर मिले हैं।

बीजिंग स्थित रेनमिन यूनिवर्सिटी के श्रमिकों के बारे से संबंधित इंडेक्स के मुताबिक तीसरी तिमाही में ये सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। मजदूरों के लिए बढ़े अवसर के कारण कई जगहों पर उनके वेतन में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। उन जगहों पर एक आम ग्रेजुएट कर्मचारी को फिलहाल औसत से अधिक मेहताना मिल रहा है।

चीन के साइकिल उद्योग के मुताबिक 2020 उसके लिए हाल का सबसे अच्छा साल साबित हुआ है। ऐसा विदेशों में लोगों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचने की कोशिश और व्यायाम के लिए साइकिल का उपयोग बढ़ने की वजह से हुआ है। ग्वांगझाउ स्थित ट्रिंक्स बाइक्स के जेनरल मैनेजर ने एशिया टाइम्स से फाइनेंशियल से कहा कि उनकी कंपनी के पास सितंबर और अक्टूबर में उसकी उत्पादन क्षमता से अधिक ऑर्डर थे। इसलिए उसे नए कर्मचारी भर्ती करने पड़े।

चीन के कारखानों के सामन मजदूरों की कमी के अलावा एक और समस्या कंटेनरों की कमी की है। जिन कंटेनरों में चीजों को निर्यात किया जाता है, उनके वापस आने में एक तय वक्त लगता है। कोरोना महामारी के कारण समुद्री यात्रा में कई जगह रुकावटें हैं, इसलिए कंटेनरों की वापसी में ज्यादा समय लग रहा है। लेकिन फिलहाल चीन के नीति निर्माता निर्यात में हुई तेज बढ़ोतरी से खुश हैं। जिस वर्ष चारों तरफ गिरावट का अंदेशा था, चीन के लिए ये साल कई अर्थों में वरदान साबित हो रहा है।
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