चीन अपने तीसरे विमानवाहक पोत ‘फुजियान’ पर तैनात करने के लिए जे-35 नामक एक नए स्टेल्थ लड़ाकू विमान का परीक्षण कर रहा है। यह विमानवाहक पोत अन्य दो पोतों की तुलना में एक अलग प्रकार की तकनीक से लैस है। फुजियान में इलेक्टोमैग्नेटिक कैटापल्ट प्रणाली है।
ग्लोबल टाइम्स ने सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के हवाले से बताया कि जे-35 का परीक्षण पहले इस साल चीनी की पीपुल्स लिबरेश आर्मी (पीएलए) नौसेना के पहले विमानवाहक पोत लियाओनिंग पर किया गया था। यह नया विमान चीन के अगली पीढी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान हो सकता है।
‘फुजियान’ का वजन 80 हजार टन
चीन के पास वर्तमान में दो विमानवाहक पोत हैं। इनमें सोवियत युग के जहाज ‘लियाओनिंग’ को पुनर्निर्मित किया गया है तथा ‘शांदोंग’ स्वदेश निर्मित दूसरा विमानवाहक पोत है जिसे 2019 में सेवा में शामिल किया गया था। इसका तीसरा विमानवाहक पोत ‘फुजियान’ दोनों पोतों से बड़ा है तथा वर्तमान में इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसका वजन 80 हजार टन है। यह पहला पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित विमानवाहक पोत है और इसमें अमेरिकी पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड की तरह एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च प्रणाली (ईएमएएलएस) है।
‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ अखबार ने कहा कि जे-35 को ‘शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन’ द्वारा जे-20 के बाद पांचवीं पीढ़ी के चीन के दूसरे लड़ाकू विमान के रूप में विकसित किया जा रहा है। सिंगापुर के एस. राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के विशेषज्ञ कॉलिन कोह ने कहा, लियाओनिंग विमानवाहक पोत को पीएलए की क्षमताओं की जांच के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब जे-35 को एक उपयुक्त लड़ाकू विमान के रूप में इसका परीक्षण किया जा रहा है।