चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत पहुंचने से पहले चाइना सदर्न एयरलाइंस ने शनिवार को घोषणा की कि वह 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट पर नियमित यात्री उड़ान सेवा फिर से शुरू करेगी। करीब छह साल तक बंद रही यह सेवा दोबारा शुरू होने के साथ भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को एक बार फिर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। एयरलाइन के मुताबिक, सेवा बहाल होने के बाद वह दक्षिण एशिया में अपने आठ राउंड-ट्रिप रूट पर हर सप्ताह 100 से अधिक उड़ानों का संचालन करेगी। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार, पर्यटन और आवाजाही को भी गति मिलने की उम्मीद है।
2020 के बाद थम गया था हवाई संपर्क
भारत और चीन के बीच नियमित हवाई संपर्क को 2020 में कोरोना महामारी के बाद बड़ा झटका लगा था। महामारी के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव ने सामान्य हवाई सेवाओं की बहाली को और मुश्किल बना दिया। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में गंभीर गिरावट आई और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली लंबे समय तक अटकी रही।
सीमा तनाव का असर विमान सेवाओं पर भी
कोविड प्रतिबंध हटने के बाद भी भारत और चीन के बीच सीधी यात्री उड़ानें सामान्य नहीं हो सकीं। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव का असर व्यापार और लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। ऐसे में चाइना सदर्न का ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट फिर शुरू होना केवल विमान सेवा की बहाली नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे लौटती व्यावहारिक भागीदारी का संकेत भी माना जा रहा है।
शी जिनपिंग के भारत दौरे से जुड़ा बड़ा संदर्भ
भारत और चीन के रिश्तों में हाल के वर्षों में तनाव कम करने और संवाद बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। इसी व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा और दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत को अहम माना जाता है। शीर्ष स्तर पर संवाद का सीधा असर हमेशा तत्काल नहीं दिखता, लेकिन इससे कारोबार, यात्रा और संपर्क बहाल करने के लिए माहौल तैयार होता है। ऐसे में चाइना सदर्न की उड़ान सेवा की वापसी को दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे आ रही नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। बता दें कि जिनपिंग सात साल बाद भारत के दौरे पर आ रहे हैं।
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दक्षिण एशिया में बढ़ाएगी परिचालन
एयरलाइन ने कहा है कि नई दिल्ली सेवा शुरू होने के बाद दक्षिण एशिया में उसके आठ राउंड-ट्रिप रूट पर हर सप्ताह 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित होंगी। नई सेवा से चीन जाने वाले भारतीय यात्रियों के साथ-साथ चीन से भारत आने वाले कारोबारी, पर्यटक और अन्य यात्रियों को सीधा हवाई संपर्क मिलेगा। लंबे अंतराल के बाद सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रा का समय और कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भरता भी कम हो सकती है। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क की बहाली ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश रिश्तों को सामान्य बनाने और व्यावहारिक सहयोग के रास्ते तलाश रहे हैं। चाइना सदर्न की वापसी इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।