शिनजियांग वर्ष 1949 में पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से आजाद देश घोषित किया गया था, लेकिन उसी साल चीन ने इस पर कब्जा कर लिया। उइगर मुस्लिम शिनजियांग को चीन के कब्जे को अवैध बताकर इसे दोबारा आजाद घोषित कराने की मुहिम चला रहे हैं। चीन ने इस राज्य को स्वायत्त दर्जा दे रखा है, लेकिन प्रशासन पर चीनी कब्जा ही है। पिछले कुछ सालों में चीन ने यहां पर अपने बहुसंख्यक हान समुदाय को बसाकर क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय घनत्व को बदलने के प्रयास जारी कर रखे हैं, जिसके कारण उइगर मुस्लिमों के साथ उनकी हिंसात्मक झड़पें होती रहती हैं।
उइगर मुस्लिमों के धार्मिक अधिकार भी छीने
2014 में शिनजियांग की सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों के रोजा रखने और मुस्लिम नागरिकों के दाढ़ी बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी थी। 2014 में ही राष्ट्रपति जिनपिंग के आदेश पर यहां की कई मस्जिदें और मदसों के भवन ढहा दिए गए। इसके अलावा भी तमाम प्रतिबंध इन पर लगे हुए हैं।
कश्मीर पर भी पड़ रहा है प्रभाव
उइगर मुस्लिमों के दमन का प्रभाव पाक कब्जे वाले कश्मीर पर भी पड़ रहा है। शिनजियांग क्षेत्र से लगे गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के कश्मीरी मुस्लिमों के सदियों से उइगर मुस्लिमों के साथ वैवाहिक संबंध रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ साल से पाकिस्तानियों से शादी करने वाली उइगर महिलाएं अपने मायके जाने पर कभी वापस नहीं लौट सकी हैं। आरोप है कि चीनी अधिकारियों ने पाकिस्तानी आतंकियों के उइगर उग्रवादियों से संपर्क बढ़ाने का जरिया मानकर इन महिलाओं को कैद कर लिया है।
उइगर मुस्लिमों पर एक नजर
01 करोड़ से ज्यादा तुर्की मूल के उइगर मुस्लिम हैं शिनजियांग राज्य में
08 देशों की सीमा से सटा शिनजियांग चीन के पश्चिम में सबसे बड़ा राज्य है