चीन ने सोमवार को कहा कि वह इस हफ्ते जापान में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में हांगकांग के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देगा। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना है कि वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
हांगकांग में चीन के नए प्रत्यर्पण कानून के विरोध में बड़े स्तर पर प्रदर्शन जारी है। यह कानून कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा नियंत्रित अदालतों में मुकदमे का सामना करने के लिए लोगों को चीन प्रत्यर्पित करने की अनुमति देगा।
जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां और आंसू गैस छोड़ी तब हिंसा भड़क उठी। इस प्रत्यर्पण विधेयक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की दुनियाभर में अधिकार समूहों ने आलोचना की।
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों के बाद, हांगकांग सरकार ने विवादास्पद कानून लाने की योजनाओं को वापस ले लिया। हांगकांग में इससे पहले 1997 में हांगकांग को चीन को सौंपे जाते समय सबसे बड़ा प्रदर्शन किया गया था।
चीन के उप विदेश मंत्री झांग जून ने कहा कि जी-20 वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का मंच है।
शी और ट्रंप अमेरिका और चीन व्यापार युद्ध पर द्विपक्षीय वार्ता के लिए राजी हो गए थे। शी की जी-20 में उपस्थिति के पूर्वावलोकन पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में झांग ने कहा, "मैं आपको निश्चित तौर पर बता सकता हूं कि जी-20 में हांगकांग मुद्दे पर बातचीत नहीं की जाएगी और जी-20 को हांगकांग मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देंगे।"
हांगकांग के चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र होने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा, "हांगकांग मामला पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है और किसी भी विदेशी मुल्क को हस्तक्षेप का हक नहीं है।"
गौरतलब है कि ट्रंप ने इस पर कहा था कि वह प्रदर्शन का कारण समझते हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रदर्शनकारी चीन के साथ अपना विवाद सुलझा पाएंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बाद में कहा था कि ट्रंप जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान शी से हांगकांग पर बातचीत करेंगे।
जी-20 शिखर सम्मेलन 27-28 जून को जापान के ओसाका में आयोजित हो रहा है।