चीन-रूस का तानाशाह किम जोंग उन के उत्तर कोरिया से 'प्रेम' फिर से उमड़ रहा है। दोनों देशों ने उसे उत्तर कोरिया की सथापना की वर्षगांठ की शुभकामनाएं दी हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किम को उत्तर कोरिया की स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर बधाई दी।
पुतिन ने कहा कि मुझे यकीन है कि रूस और डीपीआरके के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी। हम हमारे संयुक्त प्रयासों की बदौलत योजनाबद्ध तरीके से इसे आगे बढ़ाते रहेंगे। डीपीआरके, डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया का संक्षिप्त नाम है। यह उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम भी है। वहीं, शी ने अपने संदेश में उत्तर कोरिया के साथ गहन रणनीतिक संचार और सहयोग का आह्वान किया।
पिछले साल किम ने 9 सितंबर को देश के स्थापना दिवस को अर्धसैनिक समूहों की परेड और राजनयिक आदान-प्रदान के साथ मनाया था। इसमें उन्होंने चीन और रूस के साथ संबंधों को गहरा करने का वादा किया था।
बाढ़ की चपेट में उत्तर कोरिया
इससे पहले खबर आई थी कि देश में बाढ़ को रोक पाने में नाकाम रहने के कारण किम जोंग उन भड़क गए थे और 30 अधिकारियों को फांसी की सजा दे दी थी। हालांकि, इन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले भी दर्ज थे।
चार हजार से अधिक लोगों की गई जान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ ने चागांग प्रांत के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। इसमें 4,000 से ज्यादा उत्तर कोरियाई लोग मारे गए। तानाशाह किम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ की भयावहता को देखकर वह क्रोधित हो गए। उन्होंने आव न देखा ताव, तुरंत बाढ़ में लापरवाही बरतने के आरोप में 30 अधिकारियों को फांसी की सजा दे दी।
हजारों लोग हुए थे बेघर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने पहले खबर दी थी कि जुलाई में चागांग प्रांत में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद किम जोंग उन ने अधिकारियों को सख्त सजा देने का आदेश दिया था। इस बाढ़ में लगभग 4,000 लोगों की जान चली गई थी और 15,000 से अधिक लोग बेघर हो गए थे।