चीनी नागरिकों पर US में जैविक हथियार लाने का आरोप: क्या है खास तरह की फंफूद, जिससे घुटनों पर आ जाता अमेरिका?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 05 Jun 2025 06:25 AM IST
सार
अमेरिका में मंगलवार को मिशिगन के पूर्वी जिले में स्थित अटॉर्नी ऑफिस ने दो चीनी नागरिकों के खिलाफ आरोप तय करने की जानकारी दी। इसमें बताया गया कि चीनी नागरिक अमेरिका में एक खास तरह की फंगस लाने की साजिश रच रहे थे, जो कि फसलों में 'हेड ब्लाइट' यानी एक खास तरह की बीमारी फैला सकते हैं।
अमेरिका के अधिकारियों ने हाल ही में चीन के एक जोड़े को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर अमेरिका में एग्रो टेररिज्म (कृषि-आतंकवाद) फैलाने का आरोप लगाया गया है। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों चीनी नागरिकों को एक खास तरह की फंफूद (फंगस) लाने के लिए गिरफ्तार किया और अब कोर्ट में उनके खिलाफ जैविक हथियार लाने के आरोप में केस चलाया जाएगा।
इस घटना के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। मसलन यह कृषि आतंकवाद क्या है? चीनी नागरिकों पर किस तरह इसकी साजिश रचने के आरोप लगे हैं? वह जैविक हथियार क्या है, जिसे लेकर पूरे अमेरिका के घुटनों पर आ जाने का अंदेशा जताया जा रहा था? यह कितना खतरनाक है? आइये जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब...
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अमेरिकी एजेंसी एफबीआई की जांच में चीनी नागरिकों के पास मौजूद सैंपल्स पर हुआ खुलासा।
- फोटो : अमर उजाला
अमेरिका के अधिकारियों ने हाल ही में चीन के एक जोड़े को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर अमेरिका में एग्रो टेररिज्म (कृषि-आतंकवाद) फैलाने का आरोप लगाया गया है। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों चीनी नागरिकों को एक खास तरह की फंफूद (फंगस) लाने के लिए गिरफ्तार किया और अब कोर्ट में उनके खिलाफ जैविक हथियार लाने के आरोप में केस चलाया जाएगा।
इस घटना के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। मसलन यह कृषि आतंकवाद क्या है? चीनी नागरिकों पर किस तरह इसकी साजिश रचने के आरोप लगे हैं? वह जैविक हथियार क्या है, जिसे लेकर पूरे अमेरिका के घुटनों पर आ जाने का अंदेशा जताया जा रहा था? यह कितना खतरनाक है? आइये जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब...
चीन के दो नागरिकों पर क्या आरोप लगे हैं?
अमेरिका में मंगलवार को मिशिगन के पूर्वी जिले में स्थित अटॉर्नी ऑफिस ने दो चीनी नागरिकों के खिलाफ आरोप तय करने की जानकारी दी। इसमें बताया गया कि 33 वर्षीय यूनकिंग जियान और 34 वर्षीय जुनयोंग लियु पर साजिश रचने, तस्करी करने, झूठे बयान देने और वीजा धोखाधड़ी करने के आरोप तय हुए हैं। न्याय विभाग में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि दोनों चीनी नागरिक अमेरिका में एक खास तरह की फंगस लाने की साजिश रच रहे थे, जो कि फसलों में 'हेड ब्लाइट' यानी एक खास तरह की बीमारी फैला सकते हैं।
अमेरिकी अटॉर्नी जेरोम गॉर्गन जूनियर ने कहा, "चीनी नागरिक, जिनमें से एक तो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का सदस्य है, ने जो हरकत की हैं, वह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।"
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अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी- फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने कहा कि पिछले साल जुलाई में डेट्रॉयट में जांच के दौरान लियु के बैग में एक लाल रंग की पौधे जैसी चीज मिली थी। तब लियु को बार-बार अपना बयान बदलने के लिए वापस चीन भेज दिया गया था। पहले उसने इस जैविक पदार्थ को लेकर नजरअंदाज करने का रवैया अपनाया, लेकिन बाद में यह स्वीकार किया कि वह इसे मिशिगन की लैब में रिसर्च के लिए ले जाना चाहता था, जहां उसका दोस्त जियान काम करता था।
शिकायत में कहा गया है कि लियु और जियान चीन में खास तरह की फंफूदों पर रिसर्च कर चुके थे। इतना ही नहीं एफबीआई को लियु के फोन पर एक लेख भी मिला, जिसका शीर्षक था- बदलती जलवायु परिस्थितियों में पौधे-रोगजनकों (पैथोजेन) का युद्ध। दोनों के मैसेज में यह भी सामने आया कि जियान पहले ही मिशिगन की लैब में फ्यूसैरियम ग्रैमिनियरम पर प्रयोग की तैयारी कर चुका था।
इसे लेकर मिशिगन की यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसे चीन की सरकार की तरफ से दोनों आरोपियों की तरफ से की गईं रिसर्चों को लेकर कोई फंडिंग नहीं मिली है। यूनिवर्सिटी का कहना था कि वह इस मामले में कानूनी एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेगी। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले तत्वों की आलोचना भी की।
कैसे फसलों को नुकसान पहुंचाती है यह खतरनाक फंफूद?
वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर यह फंफूद खेत में छोड़ दी जाए तो यह धीरे-धीरे कर फसल की गुणवत्ता घटाते हुए इसकी पैदावार भी कम कर देती है। रिसर्च के मुताबिक, यह फंगस गेहूं की बालियों को ही खराब कर देती है, जिससे कभी पैदा होने वाले गेहूं छोटे और दबे मिलते हैं या कभी पैदा होते ही खराब हो जाते हैं।
क्या पहले भी इस तरह की फंफूद ने पहुंचाया है नुकसान?
इस फंफूद की एक खतरनाक बात यह भी है कि यह एक पौधे से दूसरे पौधे तक पहुंच जाता है, जिसके चलते सिर्फ एक खेत की फसलें ही नहीं, बल्कि अलग-अलग खेतों को ही खतरा पैदा हो जाता है। एक साइंटिफिक पेपर के मुताबिक, फ्यूसैरियम ग्रैमिनियरम 1990 के दशक में फसलों में महामारी के स्तर पर फैल रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि फसलों की इस बीमारी को कीटनाशकों से रोकना भी काफी मुश्किल होता है।
क्या होता है कृषि आतंकवाद?
एफबीआई और न्याय मंत्रालय के मुताबिक, जिस फंफूद को चीनी नागरिक लेकर आया, वह इतनी खतरनाक है कि जैविक हथियार के तौर पर कृषि आतंकवाद फैलाने की क्षमता रखती है। सीधे शब्दों में समझें तो कृषि आतंकवाद का मतलब है कि किसी कृषि प्रणाली में जानबूझकर ऐसी बीमारी या कीटाणु या नुकसानदेह जैविक एजेंट्स का इस्तेमाल करना, जिससे बड़े स्तर का नुकसान पहुंचाया जा सके। इस हरकत का मकसद फूड चेन (खाद्य शृंखला) को निशाना बनाकर किसी देश की अर्थव्यवस्था और सत्ता में मौजूद सरकार को अस्थिर करना है।
कृषि आतंकवाद के जरिए उन देशों को खासा नुकसान पहुंचाया जा सकता है, जिनकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि क्षेत्र पर निर्भर रहता है। इस तरह के आतंकवाद को खतरनाक इसलिए भी माना जाता है, क्योंकि ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती कि इस तरह से भी खाद्य पदार्थों को बर्बाद किया जा सकता है और एक पूरे देश को दाने-दाने का मोहताज किया जा सकता है।