पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्थिति (सैन्य संघर्ष) के लिए तैयार है। मीडिया को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तुर्किये, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान की हालिया यात्रा का विवरण देने के लिए हुई प्रेस वार्ता में एक सवाल पर डार ने यह टिप्पणी की।
भारत के साथ नए सिरे से संघर्ष छिड़ने की आशंकाओं के सवाल पर डार ने कहा कि वह भविष्य का अंदाजा तो नहीं लगा सकते, लेकिन ऐसी किसी भी स्थिति की संभावना बहुत कम है। मंत्री ने कहा, संघर्ष-विराम बरकरार है और दोनों पक्षों ने सैनिकों की वापसी से जुड़े सभी कदमों पर अक्षरशः अमल किया है। लिहाजा, नए सिरे से संघर्ष होने की कोई आशंका नहीं है। डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बेताब नहीं है। पाकिस्तान एक समग्र वार्ता चाहता है, जिसमें आतंकवाद के साथ-साथ सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) समेत अन्य मुद्दे भी शामिल हों। डार ने दावा किया कि आईडब्ल्यूटी को स्थगित नहीं किया जा सकता।
पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश भी दोहराई
इशाक डार ने पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश दोहराई, जिसके कारण पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में सैन्य संघर्ष हुआ था। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को सराहा गया और उसके कूटनीतिक प्रयासों की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ की गई। मंत्री ने संघर्ष के दौरान और शांति बहाल करने में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ईरान तथा अन्य देशों की ओर से निभाई गई भूमिका की भी सराहना की। डार ने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “इन प्रयासों को उनकी स्पष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा हासिल हुई।
ईरान में लापता तीन भारतीयों को पुलिस ने खोजकर मुक्त कराया
ईरान में लापता हुए पुलिस ने तीन भारतीयों को ढूंढकर मुक्त कर दिया है। तेहरान स्थित तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा कि दक्षिण तेहरान के वरामिन में बंधक बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने तीनों नागरिकों को मुक्त कर दिया। तीनों भारतीयों के अपहरण की सूचना तेहरान पुलिस को 1 मई को दी गई थी। भारत में ईरानी दूतावास ने 29 मई को कहा था कि वह लापता हुए तीनों भारतीय नागरिकों को खोजने के लिए ईरानी सरकार के संपर्क में है। तीनों के नाम हुशनप्रीत सिंह (संगरूर), जसपाल सिंह (नवांशहर) और अमृतपाल सिंह (होशियारपुर) हैं।
परिजनों के अनुसार तीनों ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए 1 मई को ईरान में रुके थे। एक स्थानीय ट्रैवल कंपनी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में आकर्षक नौकरी दिलाने का वादा किया था। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तीनों नागरिकों को बंधकों के कब्जे से छुड़ा लिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के वाणिज्य दूतावास संबंधित न्यायिक अधिकारियों के साथ समन्वय करके मामले की जांच कर रही है।