चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन धमकियों पर पलटवार किया है, जिनमें चीन पर आयात शुल्क को जबरदस्त तरीके से बढ़ाने की बात कही गई थी। जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ और तकनीक को लेकर छिड़ी इस जंग में कोई विजेता नहीं होगा और बीजिंग मजबूती से अपने हितों और स्वायत्तता की रक्षा करेगा।
जिनपिंग ने विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शुल्कों को लेकर शुरू हुई जंग, व्यापार जंग और तकनीक की जंग ऐतिहासिक चलनों और आर्थिक कानूनों के खिलाफ हैं। बैठक के दौरान जिनपिंग ने अमेरिका के साथ संबंधों में चीन के सिद्धांतों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चीन हमेशा अपने मामलों पर केंद्रित होने और मजबूती से अपनी स्वायत्तता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा करने पर जोर देता रहा है। लेकिन इस बीच उच्चस्तर पर खुलने का हमारा लक्ष्य नहीं बदलेगा।
शी जिनपिंग की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह और शी जिनपिंग काफी अच्छे से बात कर लेते हैं और उनकी हाल ही के हफ्ते में बात हुई है। हालांकि, चीन की तरफ से शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच बातचीत की कोई पुष्टि नहीं की गई है।
बता दें कि 20 जनवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले उत्पादों पर 60 फीसदी आयात शुल्क लगाने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर चीन ने फेंटानिल (हेरोइन से 50 गुना ज्यादा नशीला पदार्थ) की अवैध तस्करी को नहीं रोका तो वह उसके निर्यात पर 10 फीसदी आयात शुल्क और बढ़ा देंगे। फेंटानिल इस वक्त अमेरिका में नशे के सबसे बड़े जरियों में से एक है।