सीरिया में हालात बद से बदतर हो गए हैं। देश के ज्यादातर हिस्सों और राजधानी समेत बड़े शहरों पर अब जेहादी बागियों का कब्जा हो चुका है। राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर रूस की शरण में भाग चुके हैं। इस बीच, ब्रिटेन ने एक बड़ा फैसला लिया है। उसने सीरिया से शरण मांगने वालों को झटका दिया है। दरअसल, शरण देने से संबंधित सभी फैसलों पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसी के साथ, यहां के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता का आह्वान किया।
सीरियाई लोगों को शरण देने पर लगाई रोक
गृह विभाग ने कहा कि जर्मनी, ग्रीस और ऑस्ट्रिया के इसी तरह के कदमों के बाद हजारों सीरियाई शरणार्थियों के लिए शरण आवेदनों पर रोक के बाद वह मामलों की समीक्षा करेगा। उसने आगे कहा कि गृह मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति का आकलन करने तक सीरियाई लोगों को शरण देने पर रोक लगा दिया है। हम शरण दावों से संबंधित सभी देशों के दिशा-निर्देशों की निरंतर समीक्षा करते रहते हैं, ताकि हम उभरते मुद्दों पर प्रतिक्रिया दे सकें।'
11 मिलियन पाउंड राशि देने का किया था एलान
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब स्टार्मर ने इस सप्ताह मध्य पूर्व के दौरे पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेतृत्व के साथ बातचीत करते हुए सीरिया के कमजोर और विस्थापित लोगों की मानवीय सहायता के लिए 11 मिलियन पाउंड की राशि का एलान किया था। उन्होंने सोमवार को कहा था कि मध्य पूर्व में जो कुछ भी होता है, उसका देश पर भी असर पड़ता है।
क्या बोले पीएम स्टार्मर?
उन्होंने कहा, 'इसलिए हम सऊदी अरब के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, सीरिया में सबसे कमजोर लोगों की रक्षा कर रहे हैं, लेबनान में अपने सहयोगियों का समर्थन कर रहे हैं और इस्राइल एवं गाजा में संघर्षविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।'
बता दें, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सीरिया में असद सरकार के पतन का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि सीरियाई लोगों ने असद के बर्बर शासन के तहत बहुत लंबे समय तक कष्ट झेला है और हम उनके देश से जाने का स्वागत करते हैं। हमारा ध्यान अब यह सुनिश्चित करने पर है कि राजनीतिक समाधान हो और शांति और स्थिरता बहाल हो।
HTS की गतिविधियों पर बारीकी से नजर
विदेश सचिव डेविड लैमी ने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में इस बयान को दोहराया, जिसके दौरान उन्होंने असद को एक तानाशाह के रूप में वर्णित किया। वहीं, मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहा है।